मेयर रोशनी खलखो ने पूछा—गिफ्ट डीड में दर्ज खुली जमीन आखिर कहां है? सड़क किनारे सीढ़ी, रेलिंग-ग्रिल और पक्के निर्माण पर भी सवाल
रांची। राजधानी रांची के न्यूक्लियस मॉल के सामने सड़क किनारे किए गए निर्माण और बड़े हिस्से में की गई बैरिकेडिंग को लेकर नगर निगम स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। पूरे क्षेत्र में सड़क तक बैरिकेडिंग किए जाने से सार्वजनिक स्थान और गिफ्ट डीड के तहत उपलब्ध बताई जा रही खुली जमीन को लेकर स्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं।
रांची की मेयर रोशनी खलखो ने मौके की स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि जमीन गिफ्ट डीड के माध्यम से खुली जमीन के रूप में दर्ज है, तो वह खुला स्थान मौके पर दिखाई क्यों नहीं दे रहा है? उन्होंने विशेष रूप से सड़क किनारे बने सीढ़ी, रेलिंग-ग्रिल तथा पक्के निर्माण को लेकर भी सवाल उठाया।
मेयर का कहना है कि सार्वजनिक उपयोग से जुड़े स्थानों पर किसी भी प्रकार का स्थायी या अस्थायी निर्माण और अतिक्रमण नियमों के अनुरूप होना चाहिए। यदि संबंधित जमीन गिफ्ट डीड में खुली जमीन के रूप में दर्ज है, तो उसके वास्तविक क्षेत्रफल, सीमांकन और वर्तमान उपयोग की जांच आवश्यक है।
सड़क तक पहुंची बैरिकेडिंग
स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों के बीच सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि न्यूक्लियस मॉल के सामने बैरिकेडिंग किस सीमा तक की गई है और क्या इसमें सड़क किनारे का हिस्सा भी शामिल है। सड़क तक बैरिकेडिंग होने से आम लोगों के आवागमन, फुटपाथ तथा सार्वजनिक उपयोग वाले क्षेत्र को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
दस्तावेज और स्थल की जांच जरूरी
पूरे मामले में अब गिफ्ट डीड, जमीन का नक्शा, सीमांकन और मौके की वास्तविक स्थिति का मिलान कराना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि दस्तावेज में जमीन खुली और सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित है, तो उसके स्वरूप में बदलाव कैसे हुआ—इसकी जांच जरूरी है। वहीं, यदि निर्माण के लिए सक्षम प्राधिकार से अनुमति ली गई है, तो उसके दस्तावेज भी सार्वजनिक किए जाने की मांग उठ सकती है।
मेयर द्वारा उठाए गए सवालों के बाद अब निगाहें नगर निगम और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर टिकी हैं। पूरे मामले में दस्तावेजी रिकॉर्ड और स्थल निरीक्षण के आधार पर स्थिति स्पष्ट होने की जरूरत है, ताकि यह तय हो सके कि बैरिकेडिंग और सड़क किनारे हुए निर्माण नियमों के अनुरूप हैं या नहीं।
Reviewed by PSA Live News
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11:17:00 pm
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