जन्माष्टमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए श्री राधा-कृष्ण के दर्शन
रांची। पुंदाग स्थित श्री कृष्ण प्रणामी सेवाधाम के श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। परमहंस डॉ. सदानंद जी महाराज के पावन सानिध्य तथा श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। ट्रस्ट के अनुसार, महोत्सव के दौरान एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की।
जन्माष्टमी को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा और मनोहारी फूलों एवं सजावटी सामग्री से सजाया गया था। मंदिर का पूरा परिसर भक्ति और उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा और देर रात तक मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
वृंदावन के आभूषणों से सजे राधा-कृष्ण
जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्री राधा-कृष्ण का विशेष श्रृंगार किया गया। वृंदावन से मंगाए गए जड़ित आभूषणों तथा आकर्षक वस्त्रों से भगवान का मनोहारी श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर में सजाया गया भव्य झूलन भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। विभिन्न रंगों के मनोहारी वस्त्रों से सुसज्जित अनेक लड्डू गोपाल झूलन में विराजमान रहे।
मंगला आरती से शुरू हुआ धार्मिक अनुष्ठान
जन्माष्टमी महोत्सव का शुभारंभ प्रातः 5:30 बजे मंगला आरती से हुआ। इसके बाद 9 बजे श्रृंगार आरती तथा 11 बजे थाल भोग अर्पित किया गया। संध्या 4 बजे से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन प्रारंभ हुए और शाम 6 बजे संध्या आरती संपन्न हुई। मंदिर के पुजारी पंडित अरविंद पांडे ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया।
भगवान श्रीकृष्ण को जन्माष्टमी के पावन अवसर पर विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। फल, पेड़ा, माखन-मिश्री, पंजीरी, नारियल के लड्डू, बादाम की चक्की सहित 56 प्रकार के भोग भगवान को समर्पित किए गए। भोग के दौरान मंदिर परिसर श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।
कोलकाता की टीम ने प्रस्तुत की कृष्ण लीला
महोत्सव का विशेष आकर्षण कोलकाता से आए कलाकारों की टीम द्वारा प्रस्तुत श्रीकृष्ण जीवन एवं लीला आधारित नृत्य-नाटिका रही। कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, राधा-कृष्ण की भक्ति और उनके दिव्य चरित्र को नृत्य एवं अभिनय के माध्यम से जीवंत कर दिया। प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
रात्रि 7 बजे से भजन गायक मनीष सोनी एवं कोलकाता से आई जागरण मंडली के कलाकारों ने भजन, संकीर्तन और कृष्ण लीला की प्रस्तुतियां दीं। भक्ति गीतों और संकीर्तन पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते और नृत्य करते रहे।
मध्यरात्रि में जन्मोत्सव, जयकारों से गूंजा मंदिर
महोत्सव का चरम मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के पावन क्षण के साथ हुआ। जैसे ही जन्म का समय हुआ, मंदिर परिसर विशेष आरती और जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने एक स्वर में ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ का उद्घोष किया। वातावरण पूरी तरह कृष्णमय हो गया।
जन्मोत्सव के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद मंदिर प्रबंधन एवं ट्रस्ट के सदस्यों द्वारा दर्शन एवं धार्मिक कार्यक्रमों की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने का प्रयास किया गया।
‘धर्म, सत्य, प्रेम और मानवता का संदेश देता है जन्माष्टमी पर्व’
ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि धर्म, सत्य, प्रेम, करुणा, भक्ति और मानवता का संदेश देने वाला पावन अवसर है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके उपदेश आज भी समाज को सत्य एवं धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
महोत्सव में डुंगरमल अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, मनोज चौधरी, विजय अग्रवाल, शिव भगवान अग्रवाल, मधुसूदन जाजोदिया, संजय सर्राफ, सुरेश अग्रवाल, विशाल जालान, अंजनी अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, विष्णु सोनी, सुनील पोद्दार, मनीष सोनी, नंदकिशोर चौधरी, मनीष जालान, दीपक चौधरी, नवल अग्रवाल, आलोक सिंह, दिलीप अग्रवाल, पवन पोद्दार, विद्या देवी अग्रवाल, शोभा जालान, संतोष देवी अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल, सरिता अग्रवाल, ज्ञानचंद शर्मा, धीरज गुप्ता सहित ट्रस्ट के अन्य सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
Reviewed by PSA Live News
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11:54:00 pm
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