ओलंपिक और एशियाड में गो को नियमित रूप से शामिल कराने के प्रयास जारी : चंदन पांडे
हरियाणा हिसार/राजेश सलूजा | शिरडी, 8 सितंबर।
इंडो एमेच्योर गो एसोसिएशन एवं गो एसोसिएशन ऑफ महाराष्ट्र के संयुक्त तत्वावधान में चौथी राष्ट्रीय गो प्रतियोगिता 2026-27 का भव्य शुभारंभ श्री साईं बाबा जूनियर कॉलेज, शिरडी के प्रांगण में हुआ। प्रतियोगिता का उद्घाटन ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गोडीलकर ने किया। प्रतियोगिता में देश के 18 राज्यों से करीब 300 बालक एवं बालिका खिलाड़ी जूनियर, सब-जूनियर और सीनियर वर्ग में हिस्सा ले रहे हैं।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि गोरक्ष गोडीलकर ने कहा कि खेल व्यक्ति को शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से स्वस्थ और मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गो जैसे बौद्धिक खेल खिलाड़ियों की सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे पूरी मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लें तथा भविष्य में देश का प्रतिनिधित्व कर भारत का नाम रोशन करें।
उन्होंने कहा कि खेल जीवन में आने वाली कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। गोडीलकर ने गो के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि यह लगभग 3000 वर्ष पुराना बौद्धिक खेल है और वर्तमान में दुनिया के करीब 98 देशों में खेला जाता है। उन्होंने कहा कि इतने प्राचीन और बौद्धिक महत्व वाले खेल को भारत में भी व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार और प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों ने बढ़ाया गौरव
इंडो एमेच्योर गो एसोसिएशन के एडमिनिस्ट्रेटिव सचिव चंदन पांडे ने कहा कि गो खेल लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष आयोजित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों ने तीन रजत और एक कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि गो को खेल नीति में शामिल कराने के साथ-साथ इसे ओलंपिक और एशियाई खेलों (एशियाड) में नियमित रूप से शामिल कराने के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
चंदन पांडे ने कहा कि शतरंज और गो जैसे खेल मानसिक एवं बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आने वाला समय बौद्धिक प्रशिक्षण और बेहतर निर्णय क्षमता का है। हमारी सोचने और निर्णय लेने की क्षमता जितनी बेहतर होगी, खेल के साथ-साथ जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी हमारा प्रदर्शन उतना ही प्रभावी होगा।
18 राज्यों की टीमें, करीब 300 खिलाड़ी मैदान में
आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता में जूनियर, सब-जूनियर एवं सीनियर तीनों वर्गों में मुकाबले आयोजित किए जा रहे हैं। देश के 18 राज्यों की टीमें प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं। करीब 300 खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया।
समारोह में इंडो एमेच्योर गो एसोसिएशन की एडमिनिस्ट्रेटिव सचिव चंदन पांडे, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं आयोजन सचिव तथा महाराष्ट्र गो एसोसिएशन के सचिव अनिल सहारे, भारतीय गो महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय महापात्र, इंडियन फ्लोरबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव रविंद्र चोथवे, ओडिशा के महासचिव राजकिशोर मोहंती, आंध्र प्रदेश के महासचिव प्रसाद, हरियाणा के महासचिव जगदीश असीजा, महाराष्ट्र के सहसचिव दीपक वाडे, बिहार से डॉ. बृजेश तथा राजेश सलूजा सहित विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारी, खिलाड़ी और खेलप्रेमी मौजूद रहे।
Reviewed by PSA Live News
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7:37:00 am
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