मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने की मांग: झामुमो ने राजभवन के समक्ष किया विशाल प्रदर्शन, मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप
- चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल: दोनों चुनाव आयुक्तों की 14 आपत्तियों को दरकिनार कर मनमाने फैसले लेने का आरोप
- रांची, खूंटी, लोहरदगा और रामगढ़ जिला समितियों के संयुक्त तत्वावधान में उमड़ा कार्यकर्ताओं का जनसैलाब
- 'करोड़ों पात्र मतदाताओं के नाम हटाना लोकतंत्र पर सीधा कुठाराघात' — सुप्रियो भट्टाचार्य
विशेष संवाददाता | रांची
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली और संस्थागत निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने गुरुवार को रांची स्थित राजभवन के समक्ष एकदिवसीय विशाल विरोध-प्रदर्शन किया। पार्टी ने वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर पद के दुरुपयोग, एकतरफा कार्यप्रणाली और संवैधानिक मर्यादाओं के उल्लंघन का सीधा आरोप लगाते हुए उन्हें अविलंब पद से बर्खास्त करने की पुरजोर मांग की।
राजभवन के समक्ष आयोजित इस महाधरना में रांची जिला समिति, रांची महानगर समिति, खूंटी, लोहरदगा एवं रामगढ़ जिला समिति के संयुक्त तत्वावधान में राज्यभर से हजारों की संख्या में समर्पित कार्यकर्ता और पार्टी के शीर्ष नेता एकजुट हुए।
सहयोगियों की 14 आपत्तियों को दरकिनार करने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए झामुमो के वरिष्ठ नेताओं ने मीडिया रिपोर्टों और आधिकारिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए एक बड़ा खुलासा किया। नेताओं ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा हाल के दिनों में लिए गए कई मनमाने फैसलों पर आयोग के ही दो अन्य चुनाव आयुक्तों—सुखबीर सिंह संधू एवं विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में 14 बार लिखित और औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
झामुमो नेताओं का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने सहयोगी चुनाव आयुक्तों की जायज आपत्तियों और चिंताओं को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया। बिना उनकी सहमति के वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) के नाम पर देश और राज्य के करोड़ों पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से अवैध तरीके से हटा दिए गए। नेताओं ने इसे पूरी तरह से असंवैधानिक, अनधिकृत और लोकतंत्र विरोधी कदम करार दिया।
मताधिकार पर डाका डालने की साजिश: वक्ता
राजभवन के समक्ष गरजे झामुमो वक्ताओं ने कहा कि मतदाता सूची के साथ इस प्रकार की सुनियोजित छेड़छाड़ देश के आम नागरिकों के मौलिक व संवैधानिक अधिकारों पर सीधा डाका डालने के समान है। संस्थागत गरिमा को ताक पर रखकर लिए जा रहे इन एकतरफा फैसलों से देश की निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया पर से जनता का विश्वास उठ रहा है।
पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने अपने संबोधन में कहा, "स्वायत्त संस्थाओं का राजनीतिकरण और मुख्य चुनाव आयुक्त का पक्षपातपूर्ण रवैया देश के लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। जब आयोग के भीतर ही दो-दो चुनाव आयुक्त 14 बार लिखित विरोध दर्ज करा चुके हों, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त किसी विशेष एजेंडे के तहत काम कर रहे हैं। ऐसे व्यक्ति को एक क्षण भी इस संवैधानिक पद पर रहने का अधिकार नहीं है।"
प्रमुख नेताओं और विधायकों की गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में पार्टी के कई प्रमुख सांसद, विधायक और केंद्रीय पदाधिकारी शामिल हुए:
- सांसद एवं विधायक: राज्यसभा सांसद श्रीमती महुआ माजी, विधायक श्री विकास मुण्डा, श्री अमित महतो, श्री सुदीप गुड़िया, श्री रामसुर्या मुण्डा।
- केंद्रीय एवं प्रांतीय नेतृत्व: केंद्रीय सदस्य श्री पवन जेडिया, श्री हेमलाल मेहता, श्री अश्विनी शर्मा, श्री अन्तु तिर्की, श्रीमती राधा तिर्की, श्रीमती निरु शांति भगत।
- जिला व महानगर संयोजक: रांची जिला संयोजक प्रमुख श्री मुस्ताक आलम, रामगढ़ जिला संयोजक प्रमुख श्री विनोद किस्कू, लोहरदगा जिला अध्यक्ष श्री मोजम्मील अहमद, खूंटी जिला अध्यक्ष श्री जुबेर अहमद, रांची जिला संयोजक श्री धमेंन्द्र सिंह, श्री सांतनु मुण्डा, रांची महानगर संयोजक श्री फरीद खान, श्री रोशन कुमार, श्री मनिन्द्र सिंह।
इसके अलावा श्री अफ़रोज़ अंसारी, श्रीमती अंकिता वर्मा, श्री विक्रम सिंह, श्री अरूण वर्मा, श्री आशुतोष वर्मा, श्री विजय महतो, श्री भोलु मल्लिक, श्री साजिद कौसर, श्री उत्तम यादव, श्री महादेव मुण्डा, राजू गोप, उमेश साहू, रंजन माथुर, प्रेम प्रतीक बमबारी, अनुराग तिर्की, लालंती देवी, आदम मुण्डा, कुलदीपक, जितनन्दन महतो, कुदरत अंसारी, फारूख अंसारी, लाला महली, मुरसीय लाल मांझी, शमीम अंसारी, श्यामजी महतो, नन्दु मेहता, चामु बेक, सुरेश महतो, बलराम महतो, नविन तिर्की, संजू माथुर सहित हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने राजभवन के सामने डटकर नारेबाजी की और महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
झामुमो का मुख्य मांग-पत्र:
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल प्रभाव से पद से बर्खास्त किया जाए।
- बिना सर्वसम्मति और नियमों को दरकिनार कर मतदाता सूची से हटाए गए करोड़ों पात्र मतदाताओं के नाम तुरंत बहाल किए जाएं।
- चुनाव आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली और पिछले 10 महीनों में दर्ज कराई गई 14 आपत्तियों की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए।
प्रदर्शन के अंत में झामुमो नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग ने अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ी और मुख्य चुनाव आयुक्त पर कार्रवाई नहीं की, तो यह आंदोलन केवल रांची तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा।
Reviewed by PSA Live News
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11:50:00 am
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