भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और राज्य स्थापना की रजत जयंती पर झारखंड का गौरवपूर्ण अध्याय शुरू — मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने प्रचार वाहनों को दिखाया हरी झंडी
“संघर्ष से सशक्तिकरण तक” — 25 वर्षों की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुँचाने की मुहिम
राँची। राज्य स्थापना के 25वें गौरवशाली वर्ष और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के शुभ अवसर पर आज मुख्यमंत्री आवासीय परिसर में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, झारखंड सरकार की ओर से एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने संयुक्त रूप से जन-जागरूकता हेतु संचालित प्रचार वाहनों के बेड़े को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
ये प्रचार वाहन राज्य के सभी जिलों, प्रखंडों और गाँवों में भ्रमण करेंगे और पिछले 25 वर्षों में झारखंड द्वारा हासिल की गई विकास की उपलब्धियों, योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी आम जनता तक पहुँचाएंगे। इन वाहनों का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों, युवाओं, महिलाओं, किसानों तथा समाज के सभी वर्गों में राज्य निर्माण की भावना और विकास में भागीदारी की चेतना जगाना है।
मुख्यमंत्री का संदेश : “यह 25 वर्ष आत्मगौरव और उन्नति की गाथा हैं”
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने इस अवसर पर राज्यवासियों को रजत जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा —
“झारखंड की 25 वर्ष की यात्रा संघर्ष, आत्मसम्मान और सशक्तिकरण की गाथा है। यह राज्य भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धो-कान्हो, चाँद-भैरव और फूलो-झानो जैसे महान बलिदानियों की धरती है। उनकी विरासत ने ही हमें एक अलग पहचान दी है, और आज हम उस संकल्पना को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार राज्य के हर वर्ग के विकास के लिए समर्पित है — चाहे वह किसान हों, मजदूर हों, महिलाएँ हों या युवा। उन्होंने कहा कि आने वाला दशक झारखंड के समेकित विकास और आत्मनिर्भरता का दशक होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि रजत जयंती वर्ष के साथ ही भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती का संयोग झारखंड के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।
“यह केवल उत्सव नहीं, बल्कि झारखंडी अस्मिता और आत्मगौरव का प्रतीक है। बिरसा मुंडा की सोच हमें प्रेरित करती है कि हम अपनी धरती, अपनी संस्कृति और अपने हक की रक्षा करते हुए विकास की नई राह बनाएं।”
संस्कृति और परंपरा की झलक से गूंज उठा मुख्यमंत्री आवास
कार्यक्रम स्थल को झारखंड की लोकसंस्कृति, परंपरा और जीवनशैली की प्रतीक झाँकियों से सजाया गया था। पारंपरिक नगाड़ों, मांदर, ढोल और बांसुरी की थाप पर कलाकारों ने राज्य की विविध संस्कृति की जीवंत प्रस्तुति दी।
संताली, नागपुरी, कुरुख और खोरठा नृत्य समूहों ने एक से बढ़कर एक लोकनृत्य प्रस्तुत किए। दुमका के प्रसिद्ध संताली बैंड और रांची के लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में उत्साह का संचार किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण था – “संघर्ष से सशक्तिकरण तक – झारखंड की यात्रा” शीर्षक पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति, जिसमें राज्य के गठन से लेकर अब तक के विकास के चरणों को कलात्मक रूप में दर्शाया गया।
सरकार की उपलब्धियों की झलक
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रचार वाहनों पर झारखंड सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की आकर्षक झलकियाँ प्रदर्शित की गईं।
इनमें “सखी मंडल”, “मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना”, “आदिवासी छात्रवृत्ति योजना”, “स्वास्थ्य सुरक्षा योजना”, “मनरेगा”, “जल जीवन मिशन”, “मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना” जैसी योजनाओं की जानकारी शामिल थी।
वाहनों में लगे डिजिटल स्क्रीन और ऑडियो-विजुअल सिस्टम के माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में दी जाएगी। विभाग ने बताया कि प्रत्येक वाहन में प्रशिक्षित दल होगा जो गाँवों में संवाद स्थापित कर जन-जागरूकता बढ़ाएगा।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक श्री राजीव लोचन बख्शी सहित विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
साथ ही बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, मीडिया प्रतिनिधि और आम नागरिकों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
“झारखंड – संघर्ष, संस्कृति और सशक्तिकरण की भूमि”
कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने कहा —
“हमारा लक्ष्य है कि झारखंड के हर नागरिक तक विकास की रौशनी पहुँचे। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और जलवायु सुरक्षा के क्षेत्र में हमारी योजनाएँ लोगों के जीवन में बदलाव ला रही हैं। आने वाला समय झारखंड के स्वर्णिम भविष्य का गवाह बनेगा।”
मुख्यमंत्री ने सभी राज्यवासियों से अपील की कि वे झारखंड की रजत जयंती वर्ष में एकजुट होकर “समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर झारखंड” के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएँ।
भगवान बिरसा मुंडा की प्रेरणा, झारखंड की अस्मिता और सरकार के प्रयासों का संगम — यही संदेश लेकर निकले ये प्रचार वाहन अब गाँव-गाँव, जन-जन तक पहुँचकर राज्य की उपलब्धियों का संदेश फैलाएंगे और रजत जयंती वर्ष को जन-उत्सव में बदल देंगे।
रिपोर्ट — PSA Live News | रांची
Reviewed by PSA Live News
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8:18:00 am
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