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बाबा विद्यापति स्मारक समिति के द्वारा देवोत्थान एकादशी एवं स्थापना दिवस पर हुआ भव्य पूजन और तुलसी विवाह समारोह

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा-अर्चना, समिति अध्यक्ष ने विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की।




राँची। 
धार्मिक आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक गौरव का संगम आज राँची में तब देखने को मिला जब बाबा विद्यापति स्मारक समिति के तत्वावधान में देवोत्थान एकादशी एवं समिति स्थापना दिवस के पावन अवसर पर भव्य देवोत्थान पूजन व तुलसी विवाह समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रख्यात वैदिक पंडित श्री बिन्दु शेखर झा जी के सशक्त मंत्रोच्चार और वैदिक विधि-विधान के साथ हुआ। यजमान के रूप में समिति के संयुक्त सचिव श्री संतोष मिश्रा जी ने पूजा का आरम्भ किया और भगवान श्रीहरि विष्णु के समक्ष पूरे समाज की उन्नति और कल्याण की प्रार्थना की।

चार महीने की चातुर्मासीय शयनावस्था के उपरांत देवोत्थान एकादशी का यह दिन हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु योगनिद्रा से जागकर पुनः सृष्टि की देखरेख आरंभ करते हैं। इस अवसर पर भगवान शालिग्राम की वैदिक विधि से पूजा-अर्चना की गई, तत्पश्चात भगवान विष्णु और तुलसी माता का विवाह संपन्न कराया गया। समारोह के दौरान भक्तों ने तुलसी विवाह की पौराणिक कथा का श्रवण किया और भावविभोर होकर “जय श्रीहरि” और “जय तुलसी माता” के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा।

कार्यक्रम की शुरुआत समिति अध्यक्ष श्री जयन्त झा के मंगल संदेश से हुई। उन्होंने कहा — “देवोत्थान एकादशी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह शुभारंभ का प्रतीक है। यह दिन हमें बताता है कि चार महीने के विश्राम के बाद ईश्वर स्वयं सृष्टि में पुनः गति लाते हैं और मनुष्य को कर्म, भक्ति और सेवा के मार्ग पर अग्रसर होने का संदेश देते हैं।”

समिति के अध्यक्ष ने इस अवसर पर पूरे विश्व में शांति, मानवता के संरक्षण और हिंदुस्तान में सद्भावना एवं भाईचारे की भावना के प्रसार की कामना की। उन्होंने कहा कि बाबा विद्यापति स्मारक समिति विगत कई वर्षों से देवोत्थान एकादशी पर इस पूजा का आयोजन कर धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का संदेश देती आ रही है।

पूजन के दौरान पंडित बिन्दु शेखर झा जी ने मधुर भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी — “उठो देवा जागो देवा”, “हरी नाम के बिना जग सुना” जैसे भजनों से वातावरण आध्यात्मिक आनंद से भर उठा। श्रद्धालुजन भक्ति रस में सराबोर होकर नाचते-गाते रहे। पूजन उपरांत तुलसी विवाह संपन्न हुआ, जिसमें पारंपरिक रीति से मंगल कलश, सुगंधित पुष्प, दीप प्रज्वलन और आरती की गई।

पूजा के पश्चात उपस्थित भक्तजनों के बीच शीतल प्रसाद का वितरण किया गया। समिति सदस्यों ने प्रसाद वितरण में सक्रिय भूमिका निभाई और सभी श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत किया।

इस अवसर पर समिति अध्यक्ष श्री जयन्त झा, संयुक्त सचिव श्री संतोष मिश्रा, मृत्युंजय झा, डॉ. पंकज रॉय, मनोज झा, सुमन झा, विनय सिंह, सौरभ कुणाल, राजेश झा, अनिल सिन्हा, राम सेवक महतो, रंजीत ठाकुर, मनोज चौधरी, आशीष पाण्डेय, मणिकांत ओझा, प्रेमचंद ठाकुर और राधेश्याम यादव सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन पूर्ण अनुशासन, श्रद्धा और आध्यात्मिक माहौल में हुआ। श्रद्धालुओं ने कहा कि बाबा विद्यापति स्मारक समिति के इस आयोजन ने न केवल धार्मिक चेतना को प्रज्वलित किया, बल्कि समाज में एकता, सद्भाव और संस्कृति के प्रति सम्मान का भी संदेश दिया।

देवोत्थान एकादशी एवं तुलसी विवाह का यह संयुक्त उत्सव राँची में आस्था और अध्यात्म का अद्भुत संगम बन गया। समिति की वर्षों पुरानी यह परंपरा आज भी उसी श्रद्धा और उत्साह के साथ जीवित है, जो समाज को धर्म, संस्कृति और मानवीय मूल्यों से जोड़ने का कार्य कर रही है।

(रिपोर्ट — PSA Live News, राँची)

बाबा विद्यापति स्मारक समिति के द्वारा देवोत्थान एकादशी एवं स्थापना दिवस पर हुआ भव्य पूजन और तुलसी विवाह समारोह बाबा विद्यापति स्मारक समिति के द्वारा देवोत्थान एकादशी एवं स्थापना दिवस पर हुआ भव्य पूजन और तुलसी विवाह समारोह Reviewed by PSA Live News on 6:06:00 pm Rating: 5

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