ब्लॉग खोजें

पौषी पूर्णिमा पर भगवान् की विशेष आराधना और पायसान्न महाप्रसाद का भंडारा हुआ


रांची। शनिवार को दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर (तिरुपति बालाजी) मंदिर में  पौष शुक्ल पूर्णिमा पर्व के उपलक्ष्य पर महालक्ष्मी को हृदय में धारण करने वाले एवं सम्पूर्ण विश्व के कर्ता सर्वशक्तिमान  भगवान् श्रीश्रीनिवास का विश्वरूप दर्शन  ,सुप्रभातम् , करावलंबम् और मंगलाशासनम् करके  पांचरात्र आगम विधि से षोडषोपचार पूर्वक  तिरूवाराधनम् संपादन हुआ । इसके बाद दिव्य निज निकुञ्ज अगणित ब्रह्माण्डों के स्वामी श्रीतिरुपति बालाजी का 27 दीपों के प्रकाशपुञ्ज से युक्त नक्षत्र आरती,अमृत कलश से कुम्भ आरती और कर्पूर की बाती से महाआरती हुयी ।फिर सुश्राव्य वेदध्वनियों , उपनिषद और देशिक स्तोत्राणि के दिव्य मंगलध्वनियों से महास्तुति की गयी । श्रीदेवी और भूमिदेवी महालक्ष्मी के प्रियतम भगवान् जो कलियुग में दर्शन मात्र से ही करोड़ो पापों का अपहरण करने वाले हैं,उनके दर्शन करने वाले दर्शनार्थियों की संख्या भारी थी । सभी कुपन लेकर कोई भगवान् श्रीमन्नारायण की प्रसन्नता के लिये  सहस्त्रनाम अर्चना,कुंकुम से लक्ष्म्यष्टोत्तर शत्तनाम की अर्चना, तो कोई श्रीवेंकटेश्वर स्टोत्तर शतनामावली से पुष्प अर्चना और कइयों ने श्रीसूक्त -पुरूषसूक्त का पाठ भी करवाया । भगवान् को पायसान्न महाप्रसाद का भोग लगा । आज खिचड़ी महाप्रसाद के बदले शनिवार में  पूर्णिमा तिथि होने से पायस (खीर) महाप्रसाद का 912 वाॅ भंडारा हुआ । जिसमें 1456 लोंगो ने प्रसाद ग्रहण किया ।  अर्चक:श्री सत्यनारायण गौतम श्री गोपेश आचार्य और श्री नारायण दास जी ने मिलजुल कर दिनकर के अनुष्ठान को विधिवत् संपन्न कराया । 

पौषी पूर्णिमा पर भगवान् की विशेष आराधना और पायसान्न महाप्रसाद का भंडारा हुआ पौषी पूर्णिमा पर भगवान् की विशेष आराधना और पायसान्न महाप्रसाद का भंडारा हुआ Reviewed by PSA Live News on 9:39:00 am Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.