मधुबनी, बिहार | विशेष रिपोर्ट
मधुबनी जिले ने एक बार फिर
अपनी सक्रियता और जागरूकता का परिचय देते हुए भारत की आगामी जनगणना-2027 के
तहत चल रहे स्व-गणना अभियान
में पूरे बिहार में पहला स्थान हासिल
किया है। जिले के नागरिकों, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयास से यह बड़ी
उपलब्धि संभव हो सकी है।
टॉप-5 जिलों
की सूची (स्व-गणना में प्रदर्शन)
- मधुबनी
– 5,40,926
- वैशाली –
4,97,349
- गोपालगंज
– 2,45,744
- दरभंगा –
2,28,464
- पटना –
1,97,110
डिजिटल
अवेयरनेस में आगे मधुबनी
इस उपलब्धि के पीछे सबसे बड़ा कारण जिले
के लोगों में बढ़ती डिजिटल साक्षरता और जागरूकता है। बड़ी संख्या में
लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से स्वयं अपनी गणना (Self
Enumeration) पूरी की,
जो इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
प्रशासन
की भूमिका
जिलाधिकारी आनंद शर्मा के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने इस अभियान को जन-जन तक
पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया।
- पंचायत स्तर तक कैंप लगाए गए
- स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम
- डिजिटल सहायता केंद्रों की स्थापना
- घर-घर संपर्क अभियान
इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने
आया और लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई।
जनता
का मिला पूरा सहयोग
इस अभियान की सफलता में आम नागरिकों की
भूमिका सबसे अहम रही। लोगों ने न केवल स्वयं गणना की, बल्कि दूसरों को भी
इसके लिए प्रेरित किया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग बढ़ा, जो जिले के लिए एक
बड़ी उपलब्धि है।
क्या
है स्व-गणना अभियान?
स्व-गणना (Self Enumeration) भारत
की जनगणना-2027 का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है,
जिसमें नागरिक खुद ऑनलाइन माध्यम से
अपनी जनगणना का डेटा भर सकते हैं। इससे प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और सटीक
बनती है।
मधुबनी का यह प्रदर्शन न सिर्फ
प्रशासनिक दक्षता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि अगर सही दिशा में प्रयास हो, तो डिजिटल भारत का
सपना जमीनी स्तर पर भी साकार हो सकता है।
अब देखना यह होगा कि अन्य जिले भी मधुबनी से प्रेरणा लेकर इस
अभियान में अपनी भागीदारी कैसे बढ़ाते हैं।
Reviewed by PSA Live News
on
9:06:00 pm
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