दरभंगा, 29 अप्रैल 2026: जिले में बढ़ती गर्मी और जल संकट की संभावनाओं को देखते हुए पेयजल आपूर्ति को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में बुधवार को समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के अभियंताओं एवं अंचलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक
में जिलाधिकारी ने कड़े तेवर अपनाते हुए सभी कनीय अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश
दिया कि लंबित सभी बोरिंग कार्यों को हर हाल में अगले दो दिनों के भीतर पूरा किया
जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई
बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएम
ने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में आम लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना
प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके तहत उन्होंने सार्वजनिक स्थलों—जैसे बाजार, चौक-चौराहे और बस स्टैंड—पर पर्याप्त संख्या में प्याऊ (जल वितरण
केंद्र) स्थापित करने का निर्देश दिया, ताकि राहगीरों और आम नागरिकों को राहत मिल सके।
समीक्षा
के दौरान बताया गया कि नई योजनाओं के तहत जिले में कुल 666 स्थानों पर बोरिंग कार्य प्रस्तावित है,
जिनमें से 526 स्थानों पर कार्य पूर्ण कर लिया गया है,
जबकि शेष कार्य तेजी से प्रगति पर है।
जिलाधिकारी ने शेष सभी कार्यों को दो दिनों के भीतर पूरा कर अद्यतन प्रतिवेदन
प्रस्तुत करने का निर्देश संबंधित अभियंताओं को दिया।
उन्होंने
यह भी निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर सरकारी या निजी भूमि उपलब्ध नहीं है,
वहां का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर
तत्काल उपलब्ध कराया जाए, ताकि
उन योजनाओं को अन्य उपयुक्त स्थानों पर स्थानांतरित किया जा सके। साथ ही संवेदकों
(ठेकेदारों) को अतिरिक्त कार्यबल लगाकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
पेयजल
योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए विद्युत आपूर्ति को भी अहम मानते हुए जिलाधिकारी
ने विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि सभी नई योजनाओं के लिए
समय पर बिजली कनेक्शन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि पेयजल
आपूर्ति से जुड़े कनेक्शनों को किसी भी परिस्थिति में विच्छेद नहीं किया जाएगा।
डीएम
ने संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए टैंकर के माध्यम से जलापूर्ति की अग्रिम
व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि किसी भी क्षेत्र में पानी की कमी
की शिकायत न हो। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि पेयजल
आपूर्ति को लेकर किसी भी स्तर पर शिकायत नहीं आनी चाहिए।
बिरौल
सहित अन्य प्रखंडों में योजनाओं की निगरानी के लिए विशेष टीम गठित करने का निर्देश
भी दिया गया। साथ ही पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति कार्यों में तेजी लाने और
सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बैठक
में पुराने एवं नए चापाकलों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने खराब
पड़े चापाकलों की शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट
को कम किया जा सके।
इस अवसर पर सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी उत्कर्ष भारती सहित सभी संबंधित पदाधिकारी, अभियंता एवं संवेदक उपस्थित रहे।
Reviewed by PSA Live News
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7:27:00 pm
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