17 अप्रैल को निकलेगा भव्य नगर कीर्तन, 18-19 अप्रैल को होगा दसवां महान कीर्तन दरबार और रक्तदान शिविर
रांची, 14 अप्रैल। रातू रोड स्थित कृष्णा नगर कॉलोनी के गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सत्संग सभा में मंगलवार को खालसा साजना दिवस श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित विशेष दीवान में बड़ी संख्या में साध-संगत ने भाग लिया और गुरुबाणी, कथा एवं कीर्तन के माध्यम से गुरु साहिबानों के संदेशों को आत्मसात किया।
विशेष दीवान की शुरुआत प्रातः 8:00 बजे हजूरी रागी जत्था भाई महिपाल सिंह जी द्वारा आसा दी वार के कीर्तन से हुई। इसके बाद उन्होंने “खालसा मेरो रूप है खास, खालसे में हउ करउ निवास…”, “देहु सिवा बरु मोहि इहै, शुभ करमन ते कबहूँ न टरों…” तथा “वाहो वाहो गोबिंद सिंह, आपे गुर चेला…” जैसे पवित्र शबदों का गायन किया। कीर्तन के दौरान पूरा गुरुद्वारा परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा और संगत गुरुबाणी के रंग में रंग गई।
गुरुद्वारा के हेड ग्रंथी ज्ञानी जिवेन्दर सिंह जी ने कथा वाचन करते हुए खालसा पंथ की स्थापना का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1699 में श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज ने श्री केशगढ़ साहिब, आनंदपुर में पांच प्यारों को अमृत पान कराकर खालसा पंथ की स्थापना की थी। इसके बाद गुरु साहिब ने स्वयं भी पांच प्यारों के हाथों से अमृत ग्रहण कर यह संदेश दिया कि गुरु और शिष्य में कोई भेद नहीं है।
उन्होंने कहा कि गुरुवाणी में भी इस ऐतिहासिक प्रसंग का उल्लेख “वाहो वाहो गोबिंद सिंह, आपे गुर चेला” के रूप में मिलता है। ज्ञानी जिवेन्दर सिंह जी ने संगत को बताया कि श्री केशगढ़ साहिब सिख पंथ के पांच तख्तों में से एक प्रमुख तख्त है, जो पंजाब के आनंदपुर साहिब में स्थित है और खालसा पंथ की स्थापना का साक्षी रहा है।
विशेष दीवान का समापन प्रातः 9:30 बजे श्री आनंद साहिब जी के पाठ, अरदास, हुकुमनामा एवं कढ़ाह प्रसाद वितरण के साथ हुआ। इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सत्संग सभा के अध्यक्ष अर्जुन देव मिड्ढा एवं सचिव सुरेश मिड्ढा ने साध-संगत को खालसा साजना दिवस की बधाई दी और गुरु साहिब के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन मनीष मिड्ढा ने किया।
17 अप्रैल को निकलेगा भव्य नगर कीर्तन
गुरु नानक सत्संग सभा के मीडिया प्रभारी नरेश पपनेजा ने बताया कि वैसाखी एवं श्री गुरु अंगद देव जी महाराज के प्रकाश पर्व को समर्पित गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सत्संग सभा तथा गुरु नानक सेवक जत्था के संयुक्त तत्वावधान में 18 और 19 अप्रैल को दसवां महान कीर्तन दरबार आयोजित किया जाएगा।
इस आयोजन की शुरुआत 17 अप्रैल को सुबह 4:45 बजे भव्य नगर कीर्तन से होगी। नगर कीर्तन कृष्णा नगर कॉलोनी स्थित गुरुद्वारा साहिब के दर्शन दिउड़ी गेट से निकलेगा। पांच निशानचियों और पांच प्यारों की अगुवाई में पुष्प सवारी पर विराजमान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को पूरे कृष्णा नगर कॉलोनी क्षेत्र का भ्रमण कराया जाएगा।
नगर कीर्तन के दौरान गुरु नानक सत्संग सभा की कीर्तन मंडली पूरे मार्ग में शबद गायन करेगी। वहीं विभिन्न चौक-चौराहों पर श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों द्वारा नगर कीर्तन का भव्य स्वागत किया जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार नगर कीर्तन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
18 और 19 अप्रैल को सजेगा महान कीर्तन दरबार
खालसा साजना दिवस और वैसाखी पर्व के उपलक्ष्य में दो विशेष दीवान भी सजाए जाएंगे। पहला विशेष दीवान 18 अप्रैल को रात्रि 8:00 बजे से 11:30 बजे तक आयोजित होगा, जबकि दूसरा विशेष दीवान 19 अप्रैल को प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक चलेगा।
कीर्तन दरबार में सिख पंथ के प्रसिद्ध कीर्तनी जत्था भाई सरबजीत सिंह जी, पटना साहिब वाले, विशेष रूप से शिरकत करेंगे और अपने शबद कीर्तन से साध-संगत को निहाल करेंगे। आयोजकों का कहना है कि इस वर्ष का कीर्तन दरबार पूर्व वर्षों की अपेक्षा अधिक भव्य होगा और इसमें शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे।
19 अप्रैल को लगेगा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर
समाज सेवा की भावना को आगे बढ़ाते हुए 19 अप्रैल को गुरु नानक सेवक जत्था द्वारा गुरुद्वारा साहिब के बेसमेंट में प्रातः 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने युवाओं और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान कर मानव सेवा के इस पुनीत कार्य में भाग लेने की अपील की है।
दोनों विशेष दीवानों की समाप्ति के बाद श्रद्धालुओं के लिए गुरु का अटूट लंगर भी चलाया जाएगा। आयोजन समिति ने शहरवासियों से कार्यक्रमों में शामिल होकर गुरु साहिब के संदेश, सेवा, समर्पण और भाईचारे की भावना को आत्मसात करने का आग्रह किया है।
आज आयोजित विशेष दीवान में द्वारका दास मुंजाल, मोहन काठपाल, अशोक गेरा, नरेश पपनेजा, अमरजीत गिरधर, अश्विनी सुखीजा, कवलजीत मिड्ढा, वेद प्रकाश मिड्ढा, बसंत काठपाल, हरीश मिड्ढा, मनीष गिरधर, राजेंद्र मक्कड़, जीवन मिड्ढा, सुभाष मिड्ढा, प्रताप तलेजा, राजेश मिड्ढा, प्रकाश अरोड़ा, मुकेश गेरा, प्रतीक अरोड़ा, राजकुमार काठपाल, गीता कटारिया, मंजीत कौर, शीतल मुंजाल, नीता मिड्ढा, इंदु पपनेजा, रेशमा गिरधर, कंचन सुखीजा, आशा अरोड़ा, ज्योति मिड्ढा, उषा झंडई, ममता थरेजा समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
Reviewed by PSA Live News
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7:25:00 am
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