रांची/नई दिल्ली : देश में सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। हेलमेट पहनना, यातायात नियमों का पालन करना और ई-चालान व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के दावे किए जा रहे हैं। इसी बीच रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से जुड़ी एक खबर ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है।
बताया जा रहा है कि जिस बाइक से रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ शहर में घूमते नजर आए, उसी वाहन पर ट्रैफिक नियम उल्लंघन के कुल 11 चालान लंबित हैं। इनमें अधिकांश चालान बिना हेलमेट वाहन चलाने और यातायात नियमों के उल्लंघन से जुड़े बताए जा रहे हैं। खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार संबंधित बाइक पर ई-चालान की लंबी सूची दर्ज है। ट्रैफिक विभाग के रिकॉर्ड में कई बार नियम तोड़ने के मामले सामने आए हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब आम लोगों से नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाता है, तब जनप्रतिनिधियों और वीआईपी वाहनों पर कार्रवाई को लेकर प्रशासन कितना गंभीर है।
सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस
इस मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने दोहरे मापदंड का आरोप लगाया। कई यूजर्स ने कहा कि आम आदमी का चालान तुरंत काट दिया जाता है, लेकिन प्रभावशाली लोगों के मामलों में कार्रवाई लंबित रह जाती है। वहीं कुछ लोगों ने इसे केवल तकनीकी मामला बताते हुए कहा कि वाहन का उपयोग कई लोग करते हैं और जरूरी नहीं कि हर उल्लंघन स्वयं मंत्री ने किया हो।
सड़क सुरक्षा पर सरकार का फोकस
गौरतलब है कि केंद्र और राज्य सरकारें लगातार सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए अभियान चला रही हैं। बिना हेलमेट बाइक चलाने पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा कैमरों और ई-चालान सिस्टम के जरिए नियम उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
ऐसे में किसी वीआईपी वाहन पर कई चालान लंबित होने की खबर ने ट्रैफिक व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोल सकते हैं।
प्रशासन की चुप्पी
फिलहाल इस मामले में ट्रैफिक विभाग या मंत्री की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, खबर के बाद यह चर्चा जरूर तेज हो गई है कि क्या लंबित चालानों का जल्द निपटारा होगा और क्या नियम सभी पर समान रूप से लागू किए जाएंगे।
जनता पूछ रही सवाल
क्या वीआईपी वाहनों पर भी आम नागरिकों जैसी सख्ती होगी?
लंबित ई-चालानों की वसूली कब होगी?
सड़क सुरक्षा नियमों के पालन में क्या सभी बराबर हैं?
यह मामला केवल एक वाहन के चालान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है जहां कानून की समानता और जवाबदेही की बात बार-बार की जाती है।
Reviewed by PSA Live News
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8:51:00 pm
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