ब्यूरो रिपोर्ट: आलोक कुमार झा।
मधुबनी: बिहार के मधुबनी जिले में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिले के विभिन्न प्रखंडों के 21 विद्यालयों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इन विद्यालयों में आधारभूत संरचना, स्मार्ट क्लास, आधुनिक शिक्षण व्यवस्था, खेलकूद, विज्ञान प्रयोगशाला और डिजिटल सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी महानगरों जैसी शिक्षा सुविधा मिल सके।
इस पहल से न केवल छात्रों को बेहतर शिक्षा का वातावरण मिलेगा, बल्कि शिक्षकों की कार्यशैली और विद्यालयों की समग्र व्यवस्था में भी व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि इन मॉडल स्कूलों के विकसित होने से सरकारी विद्यालयों के प्रति अभिभावकों का विश्वास और मजबूत होगा।
किन-किन प्रखंडों के विद्यालय बने मॉडल स्कूल
मधुबनी जिले के अलग-अलग प्रखंडों से चयनित विद्यालयों को इस योजना में शामिल किया गया है। इनमें रहिका, बेनीपट्टी, बिस्फी, खजौली, राजनगर, झंझारपुर, पंडौल, जयनगर, कलुआही, बासोपट्टी, हरलाखी, बाबूबरही, अंधराठाढ़ी, घोघरडीहा, खुटौना, लदनियां, लखनौर, लौकही, मधेपुर और फुलपरास प्रखंड के विद्यालय शामिल हैं।
इन विद्यालयों में आधुनिक भवन, स्वच्छ पेयजल, स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, खेल सामग्री और बेहतर शौचालय व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ-साथ छात्रों के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
ग्रामीण छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभ
विशेषज्ञों का कहना है कि अब तक ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र संसाधनों की कमी के कारण निजी विद्यालयों की ओर पलायन करने को मजबूर होते थे। लेकिन मॉडल स्कूल बनने के बाद सरकारी विद्यालयों में भी उच्चस्तरीय शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को काफी लाभ मिलेगा।
विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट बोर्ड, प्रोजेक्टर और इंटरनेट आधारित शिक्षण प्रणाली को भी लागू किया जाएगा। विज्ञान और गणित जैसे विषयों को प्रयोगात्मक तरीके से पढ़ाने की योजना है ताकि विद्यार्थियों की रुचि बढ़े।
शिक्षा व्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मॉडल स्कूल योजना का उद्देश्य केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षण गुणवत्ता में सुधार करना भी इसका मुख्य लक्ष्य है। इसके तहत शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा और विद्यार्थियों के प्रदर्शन की नियमित मॉनिटरिंग होगी।
सरकार की इस पहल से जिले में शिक्षा का स्तर ऊंचा उठने की उम्मीद जताई जा रही है। खासकर ग्रामीण इलाकों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है।
अभिभावकों और छात्रों में खुशी
विद्यालयों के चयन की खबर सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन हुआ तो आने वाले समय में सरकारी विद्यालय निजी स्कूलों को भी चुनौती दे सकते हैं।
स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि मॉडल स्कूल बनने से शिक्षा के क्षेत्र में मधुबनी जिले की पहचान और मजबूत होगी तथा बच्चों का भविष्य बेहतर दिशा में आगे बढ़ेगा।
Reviewed by PSA Live News
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9:42:00 pm
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