450 मेगावाट तक अतिरिक्त बिजली आपूर्ति की क्षमता विकसित, कई जिलों में लोड शेडिंग से मिलेगी राहत
रांची, 07 मई 2026 : झारखंड की विद्युत व्यवस्था को गुरुवार को बड़ी मजबूती मिली, जब 220 केवी डुमका–गोविंदपुर ट्रांसमिशन लाइन के एक सर्किट के LILO (लाइन इन लाइन आउट) का सफलतापूर्वक चार्जिंग कार्य पूरा कर लिया गया। इस उपलब्धि के साथ राज्य की बिजली आपूर्ति क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और अब Jharkhand Urja Sancharan Nigam Limited (JUSNL) को North Karanpura Transmission Limited से लगभग 450 मेगावाट तक अतिरिक्त बिजली प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार यह परियोजना झारखंड की ट्रांसमिशन संरचना को नई दिशा देने वाली साबित होगी। वर्तमान समय में इस लाइन के माध्यम से डुमका क्षेत्र को करीब 103 मेगावाट तथा गोविंदपुर ग्रिड सबस्टेशन (GSS) को लगभग 80 मेगावाट बिजली आपूर्ति की जा रही है। आने वाले दिनों में जब यह लाइन अपनी पूर्ण क्षमता से संचालित होगी, तब राज्य के कई हिस्सों में निर्बाध और स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ संथाल परगना और उत्तरी झारखंड के उन जिलों को मिलेगा, जहां पिछले कुछ समय से बिजली संकट और लोड शेडिंग की समस्या गंभीर बनी हुई थी। डुमका, साहिबगंज, पाकुड़, देवघर, गिरिडीह, धनबाद और बोकारो जैसे जिलों में अब बिजली आपूर्ति अधिक संतुलित और विश्वसनीय होने की उम्मीद है।
इसके साथ ही गोविंदपुर, चंदनकियारी, जैनामोड़, डुमका, महारो, पाकुड़, साहिबगंज, लालमटिया, अमड़ापाड़ा, जसीडीह, गिरिडीह, देवघर, बरहेट और सरिया सहित कई महत्वपूर्ण ग्रिड सबस्टेशनों को भी इस नई ट्रांसमिशन व्यवस्था का सीधा लाभ मिलेगा। इससे न केवल औद्योगिक क्षेत्रों बल्कि ग्रामीण एवं शहरी उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि भीषण गर्मी के दौरान बढ़ते पीक लोड और बिजली की मांग को देखते हुए यह ट्रांसमिशन लाइन झारखंड के लिए “ऊर्जा लाइफलाइन” साबित हो सकती है। हाल के दिनों में डुमका, धनबाद और बोकारो समेत कई जिलों में बार-बार हो रही बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की शिकायतों से आम उपभोक्ता परेशान थे। नई लाइन चालू होने से इन समस्याओं में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना जताई जा रही है।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के चालू होने से राज्य की ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ेगी, ग्रिड स्थिरता मजबूत होगी और बिजली आपूर्ति नेटवर्क पर दबाव कम होगा। इससे भविष्य में औद्योगिक निवेश और शहरी विस्तार को भी ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करने में सहायता मिलेगी।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का श्रेय Jharkhand Urja Sancharan Nigam Limited (JUSNL) के अभियंताओं, तकनीकी विशेषज्ञों, साइट टीमों और संबंधित एजेंसियों के सामूहिक प्रयासों को दिया जा रहा है। कठिन तकनीकी चुनौतियों और समयबद्ध कार्य योजना के बीच टीमों ने समन्वित तरीके से कार्य कर इस परियोजना को सफल बनाया।
राज्य सरकार ने इसे झारखंड की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस तरह की नई ट्रांसमिशन परियोजनाएं राज्य के बिजली ढांचे को और मजबूत करेंगी तथा उपभोक्ताओं को बेहतर एवं निर्बाध विद्युत सेवा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
Reviewed by PSA Live News
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10:21:00 pm
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