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वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक महाराणा प्रताप की 487वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई

अखण्ड भारत संस्था के तत्वावधान में ध्रुवा सेक्टर-2 स्थित महाराणा प्रताप चौक पर आयोजित हुआ भव्य कार्यक्रम, महापुरुषों को पाठ्यक्रम में उचित स्थान देने की उठी मांग


रांची।
अखण्ड भारत संस्था के तत्वावधान में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 487वीं जयंती ध्रुवा सेक्टर-2 स्थित महाराणा प्रताप चौक पर श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने भाग लेकर महाराणा प्रताप के आदर्शों को याद किया तथा उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने वीरता, त्याग और स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप को नमन करते हुए देश और समाज की एकता बनाए रखने का संदेश दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता का माहौल बना रहा।

इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए अखण्ड भारत संस्था के केंद्रीय अध्यक्ष बृजेश सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, स्वाभिमान और राष्ट्रीय एकता के महान प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर विभाजित करने का प्रयास किया जा रहा है, ऐसे दौर में महाराणा प्रताप का जीवन दर्शन समाज को जोड़ने और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने का कार्य करेगा।

उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने संघर्ष के समय केवल एक वर्ग विशेष को साथ नहीं लिया, बल्कि समाज के हर वर्ग—भील समाज, लोहार समाज, भाट समाज तथा अन्य समुदायों को साथ लेकर मुगल शासक अकबर का मुकाबला किया। यही सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता आज के समाज के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है।

बृजेश सिंह ने राज्य एवं केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप जयंती पर सरकारी अवकाश घोषित किया जाए तथा देश के प्रत्येक जिले में महाराणा प्रताप के नाम पर एक भव्य संग्रहालय (म्यूजियम) स्थापित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां देश के वीर महापुरुषों के त्याग और बलिदान से परिचित हो सकें। उन्होंने यह भी कहा कि महाराणा प्रताप सहित देश के सभी महापुरुषों, जिन्होंने राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया, उन्हें शैक्षणिक पाठ्यक्रम में उचित स्थान मिलना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महाराणा प्रताप चौक, ध्रुवा सेक्टर-2 के सौंदर्यीकरण की भी मांग उठाई। लोगों ने कहा कि यह स्थल केवल एक चौक नहीं, बल्कि वीरता और राष्ट्रगौरव का प्रतीक है, इसलिए इसे भव्य स्वरूप दिया जाना चाहिए।

कार्यक्रम को सफल बनाने में संतोष सिंह, पिंटू सिंह, ममता देवी, राकेश कुमार, धीरज ठाकुर, उत्तम सिंह, मदन सिंह, दिलीप सिंह, सुधांशु सिंह, विक्रम गुप्ता, हरे कृष्ण पांडे एवं संजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने तथा राष्ट्रहित और सामाजिक एकता को सर्वोपरि रखने का संकल्प लिया।

वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक महाराणा प्रताप की 487वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक महाराणा प्रताप की 487वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई Reviewed by PSA Live News on 3:36:00 pm Rating: 5

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