रांची: राजधानी रांची स्थित दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर (तिरुपति बालाजी) मंदिर में शनिवार, 02 मई को ज्येष्ठ कृष्णपक्ष की प्रथम तिथि पर त्रिपुष्कर योग के शुभ संयोग में 929वें खिचड़ी भंडारे का भव्य आयोजन श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया।
इस विशेष भंडारे में कुल 1382 श्रद्धालुओं ने खिचड़ी महाप्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन धार्मिक एवं वैदिक अनुष्ठानों के साथ हुई, जिसमें भगवान श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर की विधि-विधान पूर्वक नित्याराधना की गई। पूजन में वेद, उपनिषद एवं विभिन्न सूक्तों के मंत्रों के साथ उपचार-प्रत्युपचार की परंपरागत विधियों का पालन करते हुए विशेष आराधना संपन्न की गई।
अनुष्ठान के दौरान वेंकटाचलपति श्रीश्रीनिवास की आराधना विभिन्न ऋचाओं, श्लोकों एवं आगमोक्त विधियों के माध्यम से की गई, जिससे मंदिर परिसर दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। इसके पश्चात भगवान श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर के चारों व्यूहों सहित महालक्ष्मी श्रीदेवी एवं भूमिदेवी के विग्रहों की भव्य महाआरती संपन्न हुई। महाआरती का दृश्य अत्यंत अलौकिक रहा, जिसे देख उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
महाआरती के उपरांत भगवान को विधिवत खिचड़ी महाभोग अर्पित किया गया। इस दौरान मंदिर में गूंजते घंटानाद, शंखध्वनि और वेदोक्त मंत्रोच्चार ने वातावरण को और भी दिव्यता प्रदान की।
इस पावन भंडारा आयोजन के यजमान के रूप में रांची निवासी श्री शशिभूषण सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती वीणा सिंह तथा पटना (बिहार) निवासी सुश्री माही किशोर शामिल रहीं। पूरे अनुष्ठान का संचालन आचार्य श्री सत्यनारायण गौतम एवं श्री गोपेश आचार्य द्वारा विधिवत कराया गया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राम अवतार नरसरिया, अनूप अग्रवाल, प्रदीप नरसरिया, राजेश सुलतानिया, रंजन सिंह, ओमप्रकाश गाड़ोदिया सहित कई गणमान्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
यह भंडारा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में सेवा, समर्पण और सामूहिकता की भावना को भी सुदृढ़ करने का माध्यम सिद्ध हुआ।
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5:59:00 pm
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