ब्लॉग खोजें

सिल्ली अंचल में बड़ा भूमि घोटाला उजागर: फर्जी दस्तावेज, जाति में छेड़छाड़ और दोहरी मालगुजारी वसूली के गंभीर आरोप

SC जमीन को जनरल दिखाने की साजिश, गलत प्लॉट के कागजात पेश कर गुमराह करने का आरोप; भू-माफिया और अधिकारियों की मिलीभगत पर उठे सवाल

संपादक: PSA लाइव न्यूज़ 

रांची/सिल्ली: रांची जिले के सिल्ली अंचल कार्यालय से सामने आया भूमि विवाद अब एक बड़े घोटाले का रूप लेता दिख रहा है। यह मामला केवल जमीन के स्वामित्व तक सीमित नहीं, बल्कि फर्जी दस्तावेज, म्यूटेशन में गड़बड़ी, जातीय हेरफेर और राजस्व वसूली में भारी अनियमितताओं को उजागर करता है।

प्रथम पक्ष के शंभू राम बेदिया (पिता स्व. जय राम बेदिया) ने आरोप लगाया है कि मौजा हाकिदाग की लगभग 52 एकड़ 24 डिसमिल जमीन में से 3 एकड़ 41 डिसमिल भूमि पर अवैध कब्जा और फर्जी दावा किया जा रहा है। यह जमीन खाता संख्या 63 और प्लॉट संख्या 204 एवं 1656 के अंतर्गत आती है। आरोप है कि गोवर्धन महतो (पिता दसवां महतो) इस जमीन के बड़े हिस्से पर दावा कर रहे हैं और इसके समर्थन में मालगुजारी रसीद दिखा रहे हैं।

जाति में छेड़छाड़ कर जमीन हड़पने का आरोप
मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। आवेदक का कहना है कि उसकी मूल जाति बेदिया है, जबकि “महतो” केवल पदवी के रूप में जुड़ा है। आरोप है कि भू-माफियाओं ने सुनियोजित साजिश के तहत उसकी जाति को “कुर्मी” में परिवर्तित कर दिया, ताकि अनुसूचित जाति (SC) की जमीन को सामान्य (General) श्रेणी की जमीन दिखाकर अवैध तरीके से हस्तांतरण और कब्जा संभव हो सके।

यदि यह आरोप सही साबित होता है, तो यह न केवल जमीन घोटाला बल्कि जातीय दस्तावेजों में छेड़छाड़ का गंभीर आपराधिक मामला भी बनता है।

फर्जी दस्तावेज और गलत प्लॉट का खेल
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि प्रतिवादी द्वारा अंचल कार्यालय में जो कागजात जमा किए गए हैं, वे विवादित प्लॉट के नहीं बल्कि किसी दूसरे प्लॉट के हैं। विशेष रूप से प्लॉट संख्या 1656, जिसका रकबा 3 एकड़ 41 डिसमिल है और जो कथित रूप से बुधराम महतो के नाम से दर्ज है, उसके असली दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा रहे हैं।

इसके बजाय दूसरे प्लॉट की रसीद दिखाकर मामले को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है। इससे यह संदेह और गहरा हो जाता है कि दस्तावेजी स्तर पर बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया है।

म्यूटेशन में गड़बड़ी, एक ही जमीन पर दोहरी वसूली
सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि पूर्व अंचल अधिकारी द्वारा संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर म्यूटेशन की प्रक्रिया पूरी कर दी गई, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड (रजिस्टर-2) में मूल रैयत का रकबा कम नहीं किया गया।

इसका सीधा अर्थ यह है कि वर्षों से एक ही जमीन पर दो अलग-अलग व्यक्तियों से मालगुजारी वसूली की जा रही है। यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही, बल्कि एक संगठित राजस्व घोटाले की ओर इशारा करता है।

वर्षों से न्याय के लिए भटक रहा पीड़ित
शंभू राम बेदिया का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने उपायुक्त कार्यालय रांची, आयुक्त कार्यालय, एसी कार्यालय समेत कई सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगाया है।

इतना ही नहीं, “सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम में भी उन्होंने सभी साक्ष्यों के साथ आवेदन दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अंचल कार्यालय के भी चार से अधिक चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल सका है।

भू-माफिया और अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप
पीड़ित पक्ष का स्पष्ट आरोप है कि इस पूरे मामले में भू-माफियाओं और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से न केवल जमीन, बल्कि जातीय रिकॉर्ड में भी छेड़छाड़ की गई है। इस तरह के संगठित प्रयासों से बड़े पैमाने पर जमीन घोटालों को अंजाम दिया जा रहा है।

जांच के दावे, लेकिन भरोसे पर सवाल
वर्तमान अंचल अधिकारी ने दोनों पक्षों से दस्तावेज लेकर जांच का आश्वासन दिया है। हालांकि स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार का कहना है कि जब तक रजिस्ट्री कार्यालय और उच्च स्तर से दस्तावेजों की स्वतंत्र जांच नहीं होती, तब तक सच्चाई सामने आना मुश्किल है।


सिल्ली अंचल का यह मामला झारखंड में बढ़ते भू-माफिया नेटवर्क, प्रशासनिक उदासीनता और सिस्टम में व्याप्त खामियों की गंभीर तस्वीर पेश करता है।

एक ओर असली जमीन मालिक वर्षों से न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है, वहीं दूसरी ओर फर्जी दस्तावेज और कथित मिलीभगत के सहारे जमीन पर कब्जा करने के आरोप सामने आ रहे हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या प्रशासन इस मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई करेगा, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?

फिलहाल, यह प्रकरण राज्य में जमीन और जातीय हेरफेर से जुड़े एक बड़े घोटाले की आशंका को मजबूत करता है, जिस पर सख्त और निष्पक्ष जांच की जरूरत है।

सिल्ली अंचल में बड़ा भूमि घोटाला उजागर: फर्जी दस्तावेज, जाति में छेड़छाड़ और दोहरी मालगुजारी वसूली के गंभीर आरोप सिल्ली अंचल में बड़ा भूमि घोटाला उजागर: फर्जी दस्तावेज, जाति में छेड़छाड़ और दोहरी मालगुजारी वसूली के गंभीर आरोप Reviewed by PSA Live News on 3:40:00 pm Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.