‘किसान साथी ऐप’ बना आकर्षण का केंद्र, छात्र नवाचार ने एग्रीटेक स्टार्टअप की दिशा में बढ़ाया कदम
रांची। Birla Institute of Technology Mesra के इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। “इमर्जिंग कंट्रोल एंड डिजिटल टेक्नोलॉजीज फॉर सस्टेनेबल हरित ऊर्जा सिस्टम्स” विषय पर आयोजित इस राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय अकादमिक कार्यक्रम में देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों और तकनीकी पेशेवरों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में 16 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों से आए 150 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका, सिंगापुर और स्विट्जरलैंड से भी अंतरराष्ट्रीय सहभागिता देखने को मिली। एफडीपी के दौरान इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, स्मार्ट ग्रिड, माइक्रोग्रिड, डिजिटल कंट्रोल सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, रिन्यूएबल ऊर्जा एकीकरण और अगली पीढ़ी के ऊर्जा अवसंरचना जैसे अत्याधुनिक विषयों पर विस्तृत तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।
यह कार्यक्रम बीआईटी मेसरा के कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना एवं कार्यवाहक कुलाधिपति डॉ. गौतम सारखेल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। एफडीपी का समन्वयन इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर एवं एफडीपी समन्वयक डॉ. गौरी शंकर गुप्ता ने किया।
समापन समारोह में सुशांत गौरव विशेष रूप से उपस्थित रहे। वर्तमान में रांची नगर निगम के नगर आयुक्त के रूप में कार्यरत सुशांत गौरव स्वयं बीआईटी मेसरा के पूर्व छात्र हैं। उनके अलावा विभागाध्यक्ष डॉ. सुधांशु कुमार मिश्रा, वेदांतु के प्रोग्राम मैनेजर एवं ‘किसान साथी’ ऐप के सह-संस्थापक तथा मुख्य एंजेल इन्वेस्टर प्रांशु पाटीदार, तथा सह-समन्वयक डॉ. सुरेंद्र कुमार भी समारोह में मौजूद रहे। डॉ. सुरेंद्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
विशेषज्ञों ने साझा किए भविष्य की ऊर्जा तकनीकों के आयाम
एफडीपी के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों ने अपने शोध और अनुभव साझा किए। यशवंतराव चव्हाण कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के डॉ. सुमंत जी. कड़वाने ने “वी2जी अनुप्रयोगों के लिए जेड-सोर्स इन्वर्टर द्विदिश ईवी चार्जर” पर व्याख्यान दिया। इटली के पॉलिटेक्निको डी मिलानो के डॉ. जियामबतिस्ता ग्रुओसो ने ईवी चार्जिंग और आईसीटी एकीकरण के भविष्य पर चर्चा की।
Indian Institute of Technology (ISM) Dhanbad के डॉ. कल्याण चटर्जी ने सतत ऊर्जा के लिए उभरते नियंत्रण, एआई और साइबर सुरक्षा की चुनौतियों पर प्रकाश डाला। वहीं डॉ. सुधांशु कुमार मिश्रा ने स्वायत्त वाहनों और स्मार्ट कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग को विस्तार से समझाया। माइक्रोसॉफ्ट के प्रत्यूष आनंद ने ऊर्जा दक्ष प्रणालियों के लिए सॉफ्टवेयर और फर्मवेयर लेखन पर तकनीकी जानकारी दी।
स्मार्ट ग्रिड एवं रिन्यूएबल ऊर्जा से जुड़े सत्रों में National Institute of Technology Raipur, National Institute of Technology Tiruchirappalli, Indian Institute of Technology Goa, Visvesvaraya National Institute of Technology Nagpur, National Institute of Technology Rourkela और Birla Institute of Technology and Science Pilani सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लिया।
‘किसान साथी ऐप’ बना कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण
समापन समारोह का सबसे आकर्षक क्षण रहा ‘किसान साथी ऐप’ का औपचारिक लॉन्च। यह बहुभाषी एग्रीटेक प्लेटफॉर्म बीआईटी मेसरा के अंतिम वर्ष के बी.टेक छात्र मयंक नारायण द्वारा विकसित किया गया है। डॉ. गौरी शंकर गुप्ता के मार्गदर्शन में चार वर्षों की मेहनत से तैयार इस ऐप का उद्देश्य किसानों को तकनीक आधारित स्मार्ट सहायता उपलब्ध कराना है।
यह ऐप वॉयस-सक्षम इंटरफेस के माध्यम से कई भारतीय भाषाओं में किसानों को कृषि सलाह, फसल स्वास्थ्य जानकारी, मौसम परामर्श, मंडी मूल्य, निर्णय समर्थन और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सूचनाएं उपलब्ध कराता है। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल पहुंच बढ़ाने और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
इस परियोजना में प्रांशु पाटीदार सह-संस्थापक, सीओओ और लीड एंजेल इन्वेस्टर के रूप में जुड़े हैं, जबकि डॉ. गौरी शंकर गुप्ता सलाहकार, संस्थापक मेंटर और गैर-कार्यकारी निदेशक की भूमिका निभा रहे हैं। वर्तमान में यह परियोजना बीआईटी मेसरा इनक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से इनक्यूबेशन समर्थन प्राप्त करने की प्रक्रिया में है।
नवाचार, शोध और स्टार्टअप संस्कृति को मिला बढ़ावा
एफडीपी के सफल आयोजन और ‘किसान साथी ऐप’ के लॉन्च ने यह स्पष्ट किया कि बीआईटी मेसरा अब केवल तकनीकी शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और उद्योग-अकादमिक सहयोग का भी मजबूत मंच बनता जा रहा है। कार्यक्रम ने संकाय विकास, छात्र नवाचार, उद्योग सहभागिता और उभरते स्टार्टअप इकोसिस्टम को एक साझा मंच पर जोड़ने का सफल प्रयास किया।
Reviewed by PSA Live News
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10:15:00 pm
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