ब्लॉग खोजें

ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा विजन: सौर क्रांति को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश, “हर घर तक पहुंचे सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा”


पटना।
बिहार में ऊर्जा क्षेत्र को अधिक आधुनिक, आत्मनिर्भर और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने सौर ऊर्जा विस्तार को नई गति देने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में सोमवार को लोक सेवक आवास, 1 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में ऊर्जा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सम्राट चौधरी ने की, जिसमें ऊर्जा क्षेत्र की विभिन्न योजनाओं, सौर ऊर्जा विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वच्छ ऊर्जा पहुंचाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान ऊर्जा विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। बैठक का मुख्य फोकस राज्य में सौर ऊर्जा के उपयोग को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देना और आम लोगों तक इसके लाभ पहुंचाना रहा।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश

समीक्षा बैठक के दौरान कहा गया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना राज्य में ऊर्जा परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि इस योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए और अधिक से अधिक घरों को इस योजना के दायरे में शामिल किया जाए।

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि यदि अधिक परिवार सौर ऊर्जा से जुड़ते हैं तो न केवल बिजली बिलों में राहत मिलेगी, बल्कि राज्य की ऊर्जा निर्भरता भी कम होगी। साथ ही स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

कुटीर ज्योति योजना के तहत 10 लाख परिसरों में सोलर संयंत्र लगाने का लक्ष्य

बैठक में कुटीर ज्योति योजना की प्रगति पर भी विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि योजना के अंतर्गत 10 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के परिसरों में सोलर संयंत्र स्थापित करने के लक्ष्य को तेजी से पूरा किया जाए।

बताया गया कि यह पहल विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक सस्ती और स्थायी ऊर्जा पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में बिजली उपलब्धता की स्थिति और मजबूत होगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में जीविका समूहों को बनाया जाएगा सौर ऊर्जा अभियान का हिस्सा

बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के विस्तार के लिए जीविका समूहों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। निर्देश दिए गए कि जीविका से जुड़ी महिलाओं और सदस्यों को सोलर संयंत्र लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

अधिकारियों को यह भी कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि लोगों को सोलर संयंत्र की कार्यप्रणाली, उससे होने वाले आर्थिक लाभ और पर्यावरणीय फायदे की जानकारी मिल सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण समुदायों को इससे जोड़ा जाता है तो सौर ऊर्जा का प्रसार अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा।

कृषि क्षेत्र में भी बढ़ेगा सौर ऊर्जा का इस्तेमाल

बैठक के दौरान कृषि क्षेत्र में ऊर्जा उपयोग को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। अधिकारियों को कहा गया कि कृषि फीडरों के सोलराइजेशन को प्राथमिकता के आधार पर बढ़ाया जाए और अधिक से अधिक फीडरों को इस योजना में शामिल किया जाए।

इस पहल का उद्देश्य किसानों को सस्ती और स्थायी बिजली उपलब्ध कराना है, जिससे सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों में ऊर्जा लागत कम हो सके।

विशेषज्ञों के अनुसार कृषि फीडरों के सोलराइजेशन से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर दबाव कम होगा और किसानों को भी दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

बिहार में ऊर्जा क्षेत्र के लिए नई दिशा

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन होता है, तो बिहार आने वाले वर्षों में सौर ऊर्जा आधारित विकास मॉडल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सकता है।

राज्य सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट दिखाई दे रही है—स्वच्छ ऊर्जा, ग्रामीण विकास और तकनीकी नवाचार के माध्यम से विकास की नई इबारत लिखना।

यह समीक्षा बैठक केवल विभागीय कार्यों की समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि बिहार में ऊर्जा क्षेत्र की भविष्य की दिशा तय करने वाली एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में भी देखी जा रही है।

ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा विजन: सौर क्रांति को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश, “हर घर तक पहुंचे सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा” ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा विजन: सौर क्रांति को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश, “हर घर तक पहुंचे सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा” Reviewed by PSA Live News on 9:23:00 pm Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.