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जेल अधीक्षक पर लगाए गए आरोप निराधार, तथ्यहीन बयानबाजी से बचें : कुशवाहा समाज

बाबूलाल मरांडी पहले आरोप साबित करें, फिर किसी अधिकारी की छवि धूमिल करें : समाज के प्रतिनिधि


रांची, 18 मई। 
रांची के चुटिया स्थित कुशवाहा भवन में रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कुशवाहा समाज, झारखंड ने नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi द्वारा जेल में महिला कैदी के गर्भवती होने संबंधी दिए गए बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। समाज की ओर से कहा गया कि बिना किसी ठोस साक्ष्य और आधिकारिक जांच रिपोर्ट के किसी व्यक्ति विशेष पर गंभीर आरोप लगाना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि इससे प्रशासनिक व्यवस्था और समाज में गलत संदेश भी जाता है।

प्रेस वार्ता में समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रांची जेल अधीक्षक कुमार चन्द्रशेखर पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने कहा कि अब तक सामने आई मेडिकल रिपोर्ट में कहीं भी यह साबित नहीं हुआ है कि जेल अधीक्षक इस मामले में दोषी हैं। ऐसे में किसी अधिकारी को सार्वजनिक रूप से कटघरे में खड़ा करना न्याय और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है।

कुशवाहा समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले में राजनीतिक बयानबाजी करने से पहले तथ्यों और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए। केवल आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति की सामाजिक और प्रशासनिक छवि को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं कहा जा सकता। समाज ने कहा कि इस तरह के बयान से न केवल संबंधित अधिकारी का मनोबल प्रभावित होता है, बल्कि शासन-प्रशासन में कार्य कर रहे ईमानदार अधिकारियों के बीच भी गलत संदेश जाता है।

समाज के लोगों ने कहा कि यदि किसी के पास कोई ठोस प्रमाण है तो उसे संबंधित जांच एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए, लेकिन मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर बिना प्रमाण के आरोप लगाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जांच पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार की राजनीतिक टिप्पणी से बचा जाए।

प्रेस वार्ता के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों के माध्यम से किसी भी मामले को सनसनीखेज बनाना आसान हो गया है, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को संयम और तथ्यों के आधार पर ही अपनी बात रखनी चाहिए। समाज ने कहा कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के सम्मान और प्रतिष्ठा की रक्षा करना भी उतना ही जरूरी है, जितना किसी मामले की निष्पक्ष जांच कराना।

कुशवाहा समाज ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में भी बिना प्रमाण के इस तरह के आरोप लगाए जाते रहे तो समाज लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध करेगा। समाज के प्रतिनिधियों ने बाबूलाल मरांडी से अपील की कि वे पहले अपने आरोपों को प्रमाणित करें, उसके बाद ही सार्वजनिक बयान दें।

प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से विजय कुमार महतो, प्रवीण प्रसाद (सोनू), दीपक मेहता, उमेश महतो, सूरज महतो, जनार्दन महतो, अशोक मेहता, सुमित महतो, अजय महतो, श्याम महतो, रितिक मेहता, प्रीतम मेहता, रोहन मेहता, अमनजीत मेहता सहित कुशवाहा समाज के कई सदस्य उपस्थित थे।

जेल अधीक्षक पर लगाए गए आरोप निराधार, तथ्यहीन बयानबाजी से बचें : कुशवाहा समाज जेल अधीक्षक पर लगाए गए आरोप निराधार, तथ्यहीन बयानबाजी से बचें : कुशवाहा समाज Reviewed by PSA Live News on 4:26:00 pm Rating: 5

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