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राजयोगी ब्रह्माकुमार जगदीश भाई की पुण्य स्मृति में मनाया गया ‘आध्यात्मिक प्रज्ञा दिवस’


रांची।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सेवा केंद्र चौधरी बगान, हरमू रोड रांची में राजयोगी ब्रह्माकुमार जगदीश भाई जी की पुण्य स्मृति दिवस को अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच ‘आध्यात्मिक प्रज्ञा दिवस’ के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ब्रह्मावत्सों, आध्यात्मिक साधकों एवं श्रद्धालुओं ने भाग लेकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम के दौरान वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से ओतप्रोत रहा। उपस्थित वक्ताओं ने ब्रह्माकुमार जगदीश भाई जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन आध्यात्मिक ज्ञान, मानव कल्याण और विश्व शांति के लिए समर्पित कर दिया था।

इस अवसर पर राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने अपने उद्बोधन में कहा कि ब्रह्माकुमार जगदीश भाई जी ब्रह्माकुमारी साहित्य के अद्वितीय रचनाकार, गहन चिंतक और आध्यात्मिक विद्वान थे। उनका जीवन बचपन से ही परमात्मा की खोज और आध्यात्मिक जिज्ञासा से प्रेरित रहा। आगे चलकर उन्होंने राजयोग ज्ञान, साहित्य सृजन और विश्व सेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया।

उन्होंने कहा कि जगदीश भाई जी ने अत्यंत सरल, सहज और प्रभावशाली भाषा में गूढ़ आध्यात्मिक ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य किया। वे एक ऐसे आध्यात्मिक वक्ता थे जिन्होंने हजारों लोगों के जीवन को सकारात्मक दिशा देने का कार्य किया। उनकी वाणी में गहराई, स्पष्टता और आत्मिक शक्ति का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता था।

ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने बताया कि जगदीश भाई जी ने राजयोग ध्यान, मानवीय मूल्यों, आध्यात्मिक जीवनशैली तथा आत्मिक चेतना पर हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू भाषाओं में 200 से अधिक पुस्तकों की रचना की। उनकी लेखनी ने लाखों लोगों को आत्मचिंतन, आत्मजागृति और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा दी।

उन्होंने ‘ज्ञानामृत’, ‘द वर्ल्ड रिन्यूअल’ तथा ‘प्योरिटी’ जैसी प्रतिष्ठित आध्यात्मिक पत्रिकाओं के मुख्य संपादक के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके संपादन और लेखन ने आध्यात्मिक साहित्य को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।

वक्ताओं ने कहा कि जगदीश भाई जी का संपूर्ण जीवन शांति, स्थिरता, सेवा और समर्पण का जीवंत उदाहरण था। उन्होंने अंतिम समय तक मानवता की सेवा और आध्यात्मिक जागृति के कार्य को निरंतर आगे बढ़ाया। उनका जीवन यह संदेश देता है कि सच्ची लगन, स्पष्ट बुद्धि और निःस्वार्थ सेवा भाव से मनुष्य अपने जीवन को परमात्म कार्य के लिए उपयोगी बना सकता है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी ब्रह्मावत्सों ने जगदीश भाई जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम में आध्यात्मिक गीत, योग अनुभव और प्रेरणादायी विचारों का भी आयोजन किया गया, जिससे उपस्थित श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति एवं ऊर्जा की अनुभूति हुई।

इस अवसर पर संस्था की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि चौधरी बगान, हरमू रोड स्थित स्थानीय सेवा केंद्र में प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 10:00 बजे तक तथा संध्या 3:00 बजे से 6:00 बजे तक नि:शुल्क राजयोग ध्यान प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें कोई भी व्यक्ति भाग लेकर मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक उन्नति का अनुभव प्राप्त कर सकता है।

राजयोगी ब्रह्माकुमार जगदीश भाई की पुण्य स्मृति में मनाया गया ‘आध्यात्मिक प्रज्ञा दिवस’ राजयोगी ब्रह्माकुमार जगदीश भाई की पुण्य स्मृति में मनाया गया ‘आध्यात्मिक प्रज्ञा दिवस’ Reviewed by PSA Live News on 5:54:00 pm Rating: 5

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