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बिहार में भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार: रिशु श्री कनेक्शन में दो IAS अधिकारी निलंबित, विदेश यात्राओं और महंगे तोहफों का खुला राज


पटना।
बिहार सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के दो वरिष्ठ अधिकारियों—अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर—को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) की जांच रिपोर्ट और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर की गई है। दोनों अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने चर्चित ठेकेदार और कथित टेंडर माफिया रिशु श्री से अनुचित लाभ प्राप्त किए तथा उसके साथ करीबी संबंध बनाए रखे।

यह मामला केवल दो अधिकारियों के निलंबन तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार के प्रशासनिक तंत्र में वर्षों से जड़ें जमा चुके कथित भ्रष्टाचार, पोस्टिंग-ट्रांसफर उद्योग और टेंडर सिंडिकेट की परतें खोलता दिखाई दे रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि रिशु श्री ने अपने आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर सरकारी विभागों में अधिकारियों की नियुक्ति और पोस्टिंग तक प्रभावित करने का प्रयास किया।

रिशु श्री के ठिकानों पर छापेमारी से खुला पूरा खेल

इस पूरे प्रकरण की शुरुआत तब हुई जब प्रवर्तन निदेशालय और निगरानी एजेंसियों ने ठेकेदार रिशु श्री के विभिन्न ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की। छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन और विदेशी यात्राओं से जुड़े खर्चों ने जांच एजेंसियों को चौंका दिया।

जांच में यह तथ्य सामने आया कि रिशु श्री केवल ठेके हासिल करने तक सीमित नहीं था, बल्कि वह विभिन्न विभागों में अपने अनुकूल अधिकारियों की पोस्टिंग कराने के लिए भी सक्रिय रहता था। ईडी की रिपोर्ट के अनुसार वह सचिव स्तर से लेकर नगर आयुक्त तक की पोस्टिंग को प्रभावित करने की क्षमता रखता था और इसी नेटवर्क के जरिए सरकारी टेंडरों का प्रबंधन करता था।

जांच के बाद रिशु श्री को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब उसके संपर्क में रहे अधिकारियों और अन्य प्रभावशाली लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

IAS योगेश कुमार सागर की विदेश यात्रा बनी जांच का बड़ा आधार

ईडी की जांच में सबसे सनसनीखेज खुलासा IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर से जुड़ा है। जांच एजेंसियों के अनुसार जून 2024 में योगेश कुमार सागर और उनके परिवार के आठ सदस्यों की विदेश यात्रा का पूरा खर्च रिशु श्री ने उठाया था।

22 जून 2024 से 30 जून 2024 के बीच योगेश कुमार सागर और उनके रिश्तेदारों ने ऑस्ट्रिया के प्रसिद्ध शहर वियना, साल्जबर्ग और वॉल्फगैंग की यात्रा की। जांच में सामने आया कि परिवार के सदस्य महंगे और आलीशान होटलों में ठहरे थे तथा हवाई यात्रा सहित पूरे कार्यक्रम पर लगभग 21.92 लाख रुपये खर्च हुए थे।

जांच एजेंसियों का दावा है कि इस पूरे खर्च का भुगतान रिशु श्री ने किया था। यदि यह आरोप साबित होते हैं तो यह अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।

संघर्ष से आईएएस बनने तक का सफर, अब भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरा करियर

2017 बैच के IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर निलंबन से पहले समाज कल्याण विभाग में कार्यरत थे। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के निवासी योगेश कुमार सागर की कहानी कभी संघर्ष और सफलता की मिसाल मानी जाती थी।

उन्होंने वर्ष 2012 में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। उनके पिता कस्टम एवं सेंट्रल एक्साइज विभाग में कॉन्स्टेबल थे और परिवार आर्थिक रूप से काफी कमजोर था। बताया जाता है कि बचपन में कई बार परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

ऐसे हालात से निकलकर आईएएस बनने वाले अधिकारी पर अब भ्रष्टाचार और अनुचित लाभ लेने के आरोप लगना प्रशासनिक सेवा की छवि के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

अभिलाषा शर्मा पर भी गिरी गाज

इस मामले में निलंबित दूसरी अधिकारी अभिलाषा शर्मा हैं, जो ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित महत्वाकांक्षी योजना जीविका की मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (CEO) के पद पर कार्यरत थीं।

2014 बैच की बिहार कैडर की IAS अधिकारी अभिलाषा शर्मा प्रशासनिक हलकों में एक सक्षम अधिकारी के रूप में जानी जाती रही हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की थी।

26 जनवरी 1989 को जन्मी अभिलाषा शर्मा ने अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्रालय से की थी। इसके बाद उन्होंने बिहार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वह सीतामढ़ी की जिलाधिकारी रह चुकी हैं तथा वित्त विभाग में संयुक्त सचिव जैसे अहम पदों पर भी कार्य कर चुकी हैं।

लेकिन अब रिशु श्री से कथित संबंधों और जांच एजेंसियों द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर उन्हें भी निलंबन का सामना करना पड़ा है।

बिहार प्रशासन में मचा हड़कंप

दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों के एक साथ निलंबन से बिहार के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में कई अन्य अधिकारियों, ठेकेदारों तथा बिचौलियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।

सूत्रों के अनुसार ईडी, स्पेशल विजिलेंस यूनिट और अन्य एजेंसियां रिशु श्री के वित्तीय नेटवर्क, संपत्तियों, बैंक खातों तथा उसके संपर्क में रहे अधिकारियों की गतिविधियों की गहन जांच कर रही हैं।

सिस्टम पर बड़ा सवाल

यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि यदि एक ठेकेदार इतना प्रभावशाली हो जाए कि वह अधिकारियों की पोस्टिंग, सरकारी टेंडरों और विदेश यात्राओं तक को प्रभावित कर सके, तो शासन व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।

बिहार सरकार की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है। हालांकि अंतिम सत्य न्यायिक और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा, लेकिन फिलहाल यह मामला राज्य के प्रशासनिक इतिहास के सबसे चर्चित भ्रष्टाचार मामलों में शामिल हो गया है।

बिहार में भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार: रिशु श्री कनेक्शन में दो IAS अधिकारी निलंबित, विदेश यात्राओं और महंगे तोहफों का खुला राज बिहार में भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार: रिशु श्री कनेक्शन में दो IAS अधिकारी निलंबित, विदेश यात्राओं और महंगे तोहफों का खुला राज Reviewed by PSA Live News on 9:59:00 am Rating: 5

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