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रांची में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बड़ी बैठक, कोई भी योग्य मतदाता न छूटे : डीसी मंजूनाथ भजन्त्री

राजनीतिक दलों को दिया गया स्पष्ट संदेश — बूथ स्तर तक चलाएं जागरूकता अभियान, हर पात्र नागरिक का नाम वोटर लिस्ट में जुड़ना जरूरी


रांची :
आगामी विधानसभा एवं चुनावी प्रक्रियाओं को पारदर्शी, त्रुटिरहित और व्यापक बनाने की दिशा में रांची जिला प्रशासन ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान की तैयारी तेज कर दी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को समाहरणालय स्थित सभागार में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त रांची मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में हटिया विधानसभा क्षेत्र के विधायक नवीन जायसवाल, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी बिबेक कुमार सुमन, सभी विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाची निबंधन पदाधिकारी तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा, प्रक्रिया, दस्तावेजी आवश्यकताओं और मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियों की जानकारी साझा करना था।

“एक भी योग्य मतदाता न छूटे” — डीसी ने राजनीतिक दलों से मांगा सहयोग

बैठक को संबोधित करते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो।

उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाएं तथा लोगों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी योग्य मतदाता का नाम सूची से छूटना नहीं चाहिए और यदि किसी कारणवश नाम छूट गया है तो उसे नियमानुसार जोड़ा जाए।

पीपीटी के माध्यम से समझाई गई पूरी प्रक्रिया

बैठक के दौरान जिला प्रशासन की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण की संपूर्ण प्रक्रिया को पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से समझाया गया। अधिकारियों ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बताया कि—

  • मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया क्या होगी
  • किन दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ेगी
  • दावा एवं आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया कैसे होगी
  • बूथ स्तर पर सत्यापन का कार्य किस प्रकार संपन्न होगा
  • निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर पुरानी मतदाता सूची में नाम खोजने की प्रक्रिया क्या है

अधिकारियों ने वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम खोजने की ऑनलाइन प्रक्रिया की भी जानकारी साझा की, ताकि पुराने मतदाताओं की पहचान और सत्यापन में आसानी हो सके।

अनमैप्ड मतदाताओं को जोड़ने पर विशेष जोर

बैठक में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विभिन्न श्रेणी के मतदाताओं की जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने बताया कि मतदाताओं की “मैपिंग” और “अनमैप्ड वोटर्स” को चिन्हित कर उन्हें मतदाता सूची से जोड़ना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

इस दौरान राजनीतिक दलों को यह भी बताया गया कि बूथ स्तर पर सक्रिय सहयोग से ही त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जा सकती है। प्रशासन ने कहा कि कई बार पात्र नागरिक जानकारी के अभाव में मतदाता सूची से बाहर रह जाते हैं, ऐसे लोगों तक पहुंचना सभी राजनीतिक दलों और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है।

हर बूथ पर BLA-2 की प्रतिनियुक्ति जल्द करने का आग्रह

बैठक के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से बूथ लेवल एजेंट-2 (BLA-2) की शीघ्र प्रतिनियुक्ति करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बीएलए की सक्रिय भूमिका मतदाता सूची के पुनरीक्षण में बेहद महत्वपूर्ण होती है।

प्रशासन ने बताया कि बीएलए-2 के माध्यम से बूथ स्तर पर मतदाताओं की निगरानी, त्रुटियों की पहचान, नए मतदाताओं का पंजीकरण और आवश्यक सुधार कार्यों में तेजी लाई जा सकेगी।

बैठक में मौजूद विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिन पर प्रशासन द्वारा सकारात्मक विचार करने की बात कही गई। साथ ही एसआईआर से संबंधित दिशा-निर्देशों को लेकर पूछे गए सवालों का विस्तारपूर्वक जवाब भी अधिकारियों द्वारा दिया गया।

लोकतंत्र की मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लोकतांत्रिक व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि यदि मतदाता सूची शत-प्रतिशत सटीक होगी तो चुनाव प्रक्रिया भी अधिक निष्पक्ष और प्रभावी बनेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के अभियान न केवल नए मतदाताओं को जोड़ने में मदद करते हैं, बल्कि मृत, स्थानांतरित या अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ती है और लोकतंत्र की बुनियाद मजबूत होती है।

झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की प्रमुख तिथियां

  • क्वालीफाइंग डेट — 01 अक्टूबर 2026
  • तैयारी, प्रशिक्षण एवं प्रिंटिंग — 20 जून 2026 से 29 जून 2026
  • बीएलओ द्वारा घर-घर सत्यापन — 30 जून 2026 से 29 जुलाई 2026
  • मतदान केंद्रों का रैशनलाइजेशन — 29 जुलाई 2026 तक
  • ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन — 05 अगस्त 2026
  • दावा एवं आपत्ति दर्ज करने की अवधि — 05 अगस्त 2026 से 04 सितंबर 2026
  • दावा एवं आपत्तियों का निष्पादन — 05 अगस्त 2026 से 03 अक्टूबर 2026
  • अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन — 07 अक्टूबर 2026

मतदाता जागरूकता अभियान को मिलेगा और बल

बैठक के बाद यह स्पष्ट संकेत मिला कि रांची जिला प्रशासन आगामी दिनों में मतदाता जागरूकता अभियान को और अधिक व्यापक रूप देगा। गांव से लेकर शहरी वार्डों तक विशेष अभियान चलाकर लोगों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, त्रुटि सुधार कराने और दस्तावेजों के सत्यापन के लिए प्रेरित किया जाएगा।

प्रशासन का लक्ष्य है कि आगामी चुनाव से पहले रांची जिले की मतदाता सूची पूरी तरह अद्यतन, त्रुटिरहित और समावेशी बने, ताकि लोकतंत्र के इस महापर्व में हर पात्र नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

रांची में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बड़ी बैठक, कोई भी योग्य मतदाता न छूटे : डीसी मंजूनाथ भजन्त्री रांची में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बड़ी बैठक, कोई भी योग्य मतदाता न छूटे : डीसी मंजूनाथ भजन्त्री Reviewed by PSA Live News on 10:06:00 pm Rating: 5

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