प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूर्ण: अनूपपुर में विशेष शिविरों के जरिए 492 गर्भवती महिलाओं की हुई जांच
64 हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान, विशेषज्ञों की निगरानी में शुरू हुआ उपचार; मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मिली नई मजबूती
विजय मत, अनूपपुर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य पहल प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के सफलतापूर्वक 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अनूपपुर जिले में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का व्यापक आयोजन किया गया। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस अभियान ने बीते एक दशक में सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अभियान की वर्षगांठ पर जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में आयोजित विशेष शिविरों में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित इन विशेष शिविरों में जिलेभर की 492 गर्भवती महिलाओं की व्यापक स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के दौरान 64 महिलाओं को हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) श्रेणी में चिन्हित किया गया, जिन्हें विशेष चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है तथा उनके लिए आवश्यक उपचार एवं नियमित फॉलोअप की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वहीं 50 गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी जांच कर गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य एवं विकास का मूल्यांकन किया गया। इसके अलावा गंभीर एनीमिया से पीड़ित 4 महिलाओं को एफसीएम (फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज) इंजेक्शन लगाकर उपचार प्रदान किया गया।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि अब एक्सटेंडेड प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं केवल प्रत्येक माह की 9 तारीख को ही नहीं, बल्कि 25 तारीख को भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे उन महिलाओं को भी लाभ मिल रहा है जो निर्धारित तिथि पर किसी कारणवश स्वास्थ्य केंद्र नहीं पहुंच पाती थीं। अभियान का दायरा जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर तथा ग्राम स्तर पर आयोजित वीएचएसएनडी (ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस) तक विस्तारित किया गया है।
विशेष शिविरों में प्रशिक्षित चिकित्सा अधिकारियों, महिला चिकित्सकों, एएनएम, स्टाफ नर्सों तथा स्त्री रोग विशेषज्ञों की टीम ने गर्भवती महिलाओं की एएनसी (एंटीनटल चेकअप) जांच की। इस दौरान रक्तचाप, हीमोग्लोबिन स्तर, वजन, रक्त एवं मूत्र परीक्षण सहित आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण किए गए। महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान संतुलित एवं पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच, व्यक्तिगत स्वच्छता, टीकाकरण, स्तनपान की तैयारी तथा सुरक्षित प्रसव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई।
शिविरों में गर्भवती महिलाओं को आयरन फोलिक एसिड (आईएफए) की गोलियां, कैल्शियम सप्लीमेंट, आवश्यक दवाइयां एवं स्वास्थ्य शिक्षा सामग्री निःशुल्क वितरित की गई। स्वास्थ्य कर्मियों ने महिलाओं और उनके परिजनों को जागरूक करते हुए बताया कि गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच और संस्थागत प्रसव मां एवं शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान ने पिछले दस वर्षों में लाखों गर्भवती महिलाओं तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय रहते पहचान और उचित उपचार के कारण मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाने में भी अभियान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
जिला स्वास्थ्य प्रशासन ने सभी गर्भवती महिलाओं से अपील की है कि वे गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं, चिकित्सकीय सलाह का पालन करें तथा सुरक्षित प्रसव के लिए स्वास्थ्य संस्थानों का ही चयन करें। अधिकारियों का कहना है कि स्वस्थ मां और स्वस्थ शिशु ही स्वस्थ समाज की आधारशिला हैं, और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान इसी लक्ष्य को साकार करने की दिशा में निरंतर प्रभावी भूमिका निभा रहा है।
Reviewed by PSA Live News
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11:51:00 am
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