अब हर महीने गांवों में होगी विकास की सीधी समीक्षा, 28 जून को जिले की सभी पंचायतों में मनाया जाएगा "पंचायत विकास दिवस"
महिला हितैषी ग्राम पंचायत बनेगा इस बार का मुख्य विषय, प्रभारी मंत्री लेशी सिंह महीनाथपुर पंचायत में होंगी शामिल
ग्राम सभाओं के माध्यम से विकास योजनाओं की होगी समीक्षा, ग्रामीणों की भागीदारी से तय होगी गांवों के विकास की दिशा
मधुबनी, 27 जून। ग्रामीण विकास को नई गति देने तथा पंचायतों को विकास की वास्तविक इकाई बनाने की दिशा में बिहार सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसी कड़ी में रविवार 28 जून को मधुबनी जिले की सभी ग्राम पंचायतों में पहली बार व्यापक स्तर पर "पंचायत विकास दिवस" का आयोजन किया जाएगा। राज्य सरकार के निर्देशानुसार अब प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को सभी पंचायतों में पंचायत विकास दिवस आयोजित होगा, जहां ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं का खाका तैयार किया जाएगा।
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने इस संबंध में सभी विभागीय अधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने का निर्देश दिया है। जिला प्रशासन का उद्देश्य पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं की निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाना तथा ग्रामीण जनता की सहभागिता सुनिश्चित करना है।
महीनाथपुर पंचायत में होगा मुख्य जिला स्तरीय कार्यक्रम
जिले का मुख्य कार्यक्रम झंझारपुर प्रखंड की महीनाथपुर ग्राम पंचायत में आयोजित किया जाएगा, जहां बिहार सरकार की भवन निर्माण विभाग की मंत्री एवं मधुबनी जिला प्रभारी मंत्री लेशी सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। उनके साथ जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
मंत्री पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं की समीक्षा करेंगी तथा ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुनेंगी। इससे पंचायतों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं के निर्माण में मदद मिलेगी।
सुबह 10 बजे से शुरू होगा कार्यक्रम
जिला प्रशासन के अनुसार पंचायत विकास दिवस का आयोजन पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न 12 बजे तक पंचायत सरकार भवन, सामुदायिक भवन अथवा अन्य निर्धारित सार्वजनिक स्थलों पर किया जाएगा। कार्यक्रम में ग्राम सभा के सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य, जीविका दीदियां, स्वयं सहायता समूह, आंगनबाड़ी सेविकाएं, आशा कार्यकर्ता, शिक्षक, युवा एवं आम ग्रामीण नागरिक बड़ी संख्या में भाग लेंगे।
महिला हितैषी ग्राम पंचायत बनेगा इस माह का प्रमुख विषय
पंचायत विकास दिवस के प्रत्येक आयोजन के लिए एक विशेष विषय निर्धारित किया गया है। जून माह के लिए "महिला हितैषी ग्राम पंचायत" को मुख्य विषय बनाया गया है।
इसके अंतर्गत पंचायतों में महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक भागीदारी तथा निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका को मजबूत करने पर विशेष चर्चा की जाएगी। महिलाओं से संबंधित सरकारी योजनाओं की समीक्षा की जाएगी तथा उन्हें अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने के उपायों पर विचार किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने, बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने और महिला स्वावलंबन को प्रोत्साहित करने के लिए पंचायत स्तर पर विशेष कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी।
विकास योजनाओं की होगी विस्तृत समीक्षा
पंचायत विकास दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि यह गांवों के विकास का एक खुला मंच बनेगा। कार्यक्रम के दौरान पंचायतों में संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।
इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, जल-जीवन-हरियाली, नल-जल योजना, स्वच्छता मिशन, सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, किसान कल्याण योजनाएं, महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा होगी।
ग्रामीण नागरिक अपनी समस्याएं सीधे पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे। इसके साथ ही स्थानीय जरूरतों के अनुसार नई योजनाओं के चयन पर भी विचार किया जाएगा।
स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों पर बनेगी कार्ययोजना
कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के अनुरूप पंचायत स्तर पर निर्धारित नौ प्रमुख विकास लक्ष्यों पर भी चर्चा होगी। इनमें—
- गरीब मुक्त एवं आजीविका उन्नत पंचायत
- स्वस्थ पंचायत
- बाल हितैषी पंचायत
- जल पर्याप्त पंचायत
- स्वच्छ एवं हरित पंचायत
- आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा युक्त पंचायत
- सामाजिक न्याय एवं सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत
- सुशासन युक्त पंचायत
- महिला हितैषी पंचायत
जैसे विषय शामिल हैं।
इन लक्ष्यों को धरातल पर लागू करने के लिए पंचायतवार कार्ययोजना तैयार की जाएगी ताकि ग्रामीण विकास की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
उत्कृष्ट पंचायतों के विकास कार्यों का होगा प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान जिले और राज्य की उत्कृष्ट पंचायतों द्वारा किए गए उल्लेखनीय विकास कार्यों का वीडियो प्रदर्शन भी किया जाएगा। इससे अन्य पंचायतों को प्रेरणा मिलेगी तथा वे भी अपने क्षेत्र में नवाचार और विकास के नए मॉडल लागू कर सकेंगी।
प्रशासन का मानना है कि पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से विकास कार्यों की गुणवत्ता में सुधार आएगा और ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बदलाव दिखाई देगा।
ग्रामीण सुनेंगे प्रधानमंत्री का 'मन की बात' कार्यक्रम
पंचायत विकास दिवस के अवसर पर पंचायतों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" का सामूहिक प्रसारण भी किया जाएगा। इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण नागरिक इस कार्यक्रम को सुन सकें और प्रधानमंत्री के विचारों एवं प्रेरक संदेशों से जुड़ सकें।
गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायत विकास दिवस की पहल ग्रामीण विकास व्यवस्था में जवाबदेही, पारदर्शिता और जनभागीदारी को मजबूत करेगी। इससे योजनाओं की निगरानी बेहतर होगी तथा गांवों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा सकेगी।
जिला प्रशासन ने सभी जनप्रतिनिधियों, पंचायत कर्मियों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों एवं ग्रामीण नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की है ताकि पंचायत विकास दिवस को जन आंदोलन का रूप दिया जा सके।
ग्रामीण विकास की नई सोच
पंचायत विकास दिवस केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सहभागी विकास मॉडल में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यदि पंचायत स्तर पर जनभागीदारी के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ तो आने वाले वर्षों में बिहार की ग्राम पंचायतें विकास और सुशासन का नया उदाहरण प्रस्तुत कर सकती हैं।
Reviewed by PSA Live News
on
7:53:00 pm
Rating:

कोई टिप्पणी नहीं: