मधुबनी में जनता की अदालत बने जिलाधिकारी आनंद शर्मा, 112 शिकायतों की सुनवाई कर अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
मधुबनी, 03 जुलाई 2026। मधुबनी जिला प्रशासन द्वारा संचालित "सेवा-संवाद-समाधान" अनुश्रवण प्रणाली के तहत शुक्रवार को समाहरणालय परिसर में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम आम लोगों के लिए उम्मीद का बड़ा मंच बनकर सामने आया। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्वयं अपने कार्यालय कक्ष में बैठकर आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
"सबका सम्मान-जीवन आसान (Ease of Living)" की भावना के अनुरूप आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों, पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही का उदाहरण देखने को मिला, जहां प्राप्त शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्पष्ट कहा कि जिला प्रशासन आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी शिकायत को लंबित रखने की प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित किया जाए ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
112 शिकायतें पहुंचीं प्रशासन के दरबार में
कार्यक्रम के दौरान कुल 80 आवेदन ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त हुए, जबकि 32 परिवादी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर ऑफलाइन माध्यम से अपनी समस्याओं से अवगत कराया। इस प्रकार कुल 112 मामलों की सुनवाई की गई।
प्राप्त आवेदनों के आलोक में संबंधित विभागों के पदाधिकारी वर्चुअल माध्यम से भी जुड़े रहे, जिससे शिकायतों पर तत्काल चर्चा कर समाधान की दिशा में कार्रवाई शुरू की जा सके।
अतिक्रमण, पेंशन, भूमि विवाद और सरकारी योजनाओं से जुड़ी शिकायतें प्रमुख
जनसंवाद कार्यक्रम में सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवाद, सरकारी रास्तों पर अतिक्रमण, पेंशन भुगतान, सरकारी योजनाओं के लाभ और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में हो रही देरी से संबंधित रहीं।
फुलपरास प्रखंड के बथनाहा पंचायत निवासी नंदकिशोर बिंदेश्वर ने सरकारी रास्ते पर दबंग व्यक्तियों द्वारा मवेशी घर बनाकर किए गए अतिक्रमण की शिकायत दर्ज कराई। वहीं बाबूबरही प्रखंड के पीरहि पंचायत निवासी विनोद राय ने चार वर्षों से लंबित पेंशन राशि के भुगतान को लेकर आवेदन दिया।
पंडौल पूर्वी पंचायत निवासी कृष्ण कुमार मिश्रा ने बंदोबस्त भूमि से संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने की मांग की, जबकि बासोपट्टी थाना क्षेत्र के सिरियारपुर निवासी राघव किशोर मिश्र ने अमीन की नापी रिपोर्ट के आधार पर भूमि घेराबंदी कराने के लिए प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग रखी।
राजनगर की समुद्री देवी ने पर्चा प्राप्त भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की, वहीं खुटौना प्रखंड के कारमेघ पश्चिम निवासी महेंद्र प्रसाद यादव ने सड़क अतिक्रमण के मामले को उठाया।
इसके अलावा रहिका प्रखंड की सम्भुआर पंचायत निवासी सविता देवी ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत स्वीकृत ऋण में उद्योग विभाग द्वारा सब्सिडी एडजस्टमेंट लेटर जारी नहीं किए जाने की शिकायत जिलाधिकारी के समक्ष रखी।
प्रशासन और जनता के बीच मजबूत हो रहा विश्वास
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी अपने-अपने कक्षों में उपस्थित होकर लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की। इससे प्रशासन और जनता के बीच संवाद का दायरा और अधिक मजबूत होता दिखाई दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की मंशा प्रशासन को जनहितैषी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। इसी उद्देश्य से "सेवा-संवाद-समाधान" कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है ताकि नागरिकों को सम्मानपूर्वक न्याय और समाधान मिल सके।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था का अंतिम उद्देश्य लोगों के जीवन को आसान बनाना है। यदि किसी नागरिक को किसी सरकारी कार्यालय में कठिनाई हो रही है तो वह सीधे इस व्यवस्था के माध्यम से अपनी समस्या दर्ज करा सकता है और निर्धारित समय सीमा के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
हर महीने पंचायत स्तर पर लग रहा सहयोग शिविर
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने जानकारी दी कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को पंचायत स्तर पर "सहयोग शिविर" आयोजित किए जा रहे हैं। यह पूरी तरह ऑनलाइन आधारित व्यवस्था है, जिसके माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि प्राप्त आवेदनों का 30 दिनों के भीतर निष्पादन अनिवार्य है। इसके लिए RTMS (Right to Public Services Monitoring System) पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की प्रशासनिक समस्या, सरकारी योजना में बाधा, भूमि विवाद, पेंशन, प्रमाणपत्र या अन्य जनहित से जुड़े मामलों के लिए लोग बिना किसी बिचौलिए के सीधे पोर्टल पर आवेदन करें और सरकारी सेवाओं का लाभ उठाएं।
जनभागीदारी से सुशासन की ओर बढ़ता मधुबनी
मधुबनी में आयोजित यह जनसंवाद कार्यक्रम केवल शिकायत सुनने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच भरोसे के सेतु को मजबूत करने का एक प्रभावी प्रयास साबित हुआ। जिस प्रकार जिलाधिकारी स्वयं लोगों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं और अधिकारियों को जवाबदेह बना रहे हैं, उससे आम नागरिकों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ रहा है।
"सेवा-संवाद-समाधान" जैसी पहलें यह संदेश देती हैं कि सरकार और प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील है तथा सुशासन को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मधुबनी में इस पहल की सफलता भविष्य में और अधिक जन-केंद्रित प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
Reviewed by PSA Live News
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12:39:00 pm
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