मधुबनी में उर्वरक कालाबाजारी पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 320 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी; किसानों की शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम और प्रखंडवार हेल्पलाइन जारी
13 प्रतिष्ठानों में अनियमितता उजागर, 4 लाइसेंस रद्द, 6 निलंबित, एक पर प्राथमिकी दर्ज; डीएम आनंद शर्मा के निर्देश पर किसानों की सुविधा के लिए जारी किए गए प्रखंड एवं अनुमंडल कृषि पदाधिकारियों के मोबाइल नंबर।
मधुबनी, 24 जुलाई 2026। खरीफ मौसम 2026 के दौरान किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने तथा उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक कीमत पर बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से मधुबनी जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर जिला कृषि विभाग ने उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं किसानों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम के साथ-साथ सभी प्रखंडों एवं अनुमंडलों के कृषि पदाधिकारियों के मोबाइल नंबर जारी किए हैं।
जिला कृषि विभाग के अनुसार जिले में उर्वरकों के भंडारण, वितरण एवं बिक्री की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन की विशेष छापेमारी अभियान के तहत अब तक जिले के 320 उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें 13 प्रतिष्ठानों में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं पाई गईं।
अनियमितताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए एक उर्वरक विक्रेता के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई, जबकि चार प्रतिष्ठानों का लाइसेंस रद्द कर दिया गया। इसके अलावा छह उर्वरक प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। वहीं एक कीटनाशी विक्रेता का लाइसेंस भी निलंबित किया गया है तथा तीन प्रतिष्ठानों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा दोषी पाए जाने वाले विक्रेताओं पर आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला स्तर पर उर्वरक नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किया गया है। किसान उर्वरक की उपलब्धता, निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली, कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा अन्य किसी भी प्रकार की शिकायत मोबाइल नंबर 9031646881 पर दर्ज करा सकते हैं।
जिला कृषि विभाग ने सभी प्रखंडों एवं अनुमंडलों के कृषि पदाधिकारियों के मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए हैं ताकि किसान सीधे संबंधित अधिकारी से संपर्क कर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकें। विभाग का कहना है कि शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित अधिकारियों द्वारा त्वरित जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि वर्तमान समय में जिले में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी तथा एसएसपी सहित सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसानों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा केवल अधिकृत उर्वरक विक्रेताओं से निर्धारित सरकारी दर पर ही उर्वरक खरीदें। यदि कोई विक्रेता अधिक मूल्य वसूलता है, बिल देने से इनकार करता है अथवा उर्वरक की कृत्रिम कमी उत्पन्न करता है तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित प्रखंड कृषि पदाधिकारी या जिला कंट्रोल रूम को दें।
जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि खरीफ मौसम के दौरान उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने, किसानों के हितों की रक्षा करने तथा कालाबाजारी पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए निरीक्षण अभियान और निगरानी लगातार जारी रहेगी।
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