भूतपूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान को लेकर मधुबनी प्रशासन गंभीर, 7 जुलाई को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होगी महत्वपूर्ण अनुश्रवण समिति की बैठक
मधुबनी, 03 जुलाई 2026। देश की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले भूतपूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान को लेकर मधुबनी जिला प्रशासन सक्रिय पहल कर रहा है। इसी कड़ी में आगामी 7 जुलाई 2026 को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक का उद्देश्य पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा कर उनके समाधान की दिशा में ठोस निर्णय लेना है।
जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, मधुबनी द्वारा आयोजित इस बैठक में समिति के सभी सदस्यों, संबंधित विभागों के अधिकारियों तथा अन्य संबंधित पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी ने सभी सदस्यों से निर्धारित समय पर उपस्थित होकर रचनात्मक सुझाव देने एवं समस्याओं के समाधान में सहयोग करने का आग्रह किया है।
बैठक में भूतपूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इनमें भूमि विवाद, पुलिस सुरक्षा, बैंक ऋण संबंधी समस्याएं, पेंशन मामलों का निष्पादन, बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा सुविधाएं, आर्थिक सहायता एवं अन्य प्रशासनिक शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा। प्रशासन का प्रयास है कि लंबे समय से लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए ताकि पूर्व सैनिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
बैठक के दौरान सैनिक कल्याण से जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, एक्स-सर्विसमैन कॉन्ट्रिब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ECHS), सैनिक विश्राम गृह तथा सैनिक कैंटीन के लिए उपयुक्त भवन एवं कम-से-कम 50 डिसमिल से लेकर एक एकड़ तक भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श होगा। यह पहल पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इसके अलावा मधुबनी में SPARSH Centre की स्थापना का मुद्दा भी बैठक के प्रमुख एजेंडों में शामिल है। ज्ञात हो कि SPARSH प्रणाली के माध्यम से सैन्य पेंशन संबंधी सेवाओं का डिजिटलीकरण किया गया है, जिससे पेंशनधारकों को कई सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध होती हैं। जिले में SPARSH Centre की स्थापना होने से पूर्व सैनिकों को पेंशन संबंधी कार्यों के लिए अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही सहायता प्राप्त हो सकेगी।
बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) एवं अधिवक्ताओं के लिए कार्यालय व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा। इससे सैनिकों एवं उनके परिवारों को कानूनी सहायता और परामर्श उपलब्ध कराने में आसानी होगी। साथ ही जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के सुचारू संचालन के लिए अतिरिक्त कक्ष उपलब्ध कराने तथा कार्यालय में लिपिक की प्रतिनियुक्ति जैसे प्रशासनिक विषयों पर भी निर्णय लिए जाने की संभावना है।
पूर्व सैनिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संचालित सैनिक हेल्प डेस्क को और अधिक प्रभावी बनाने, जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के विधिवत उद्घाटन तथा भूमि विवादों के शीघ्र निष्पादन जैसे मुद्दे भी बैठक में प्रमुखता से उठाए जाएंगे। प्रशासन का मानना है कि सैनिकों एवं उनके परिवारों को सम्मानजनक और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना समाज और शासन दोनों की जिम्मेदारी है।
जिला प्रशासन की यह पहल उन वीर सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है जिन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा राष्ट्रसेवा को समर्पित किया। उम्मीद की जा रही है कि 7 जुलाई को होने वाली यह बैठक भूतपूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी निर्णय लेकर सैनिक कल्याण व्यवस्था को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
Reviewed by PSA Live News
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11:48:00 am
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