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आदरणीय दीदी मनमोहिनी जी की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित, उनके त्याग, तपस्या और सेवाभाव को किया गया नमन


राँची।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के स्थानीय सेवा केन्द्र, चौधरीबागान, हरमू रोड, राँची में यज्ञ की प्रथम समन्वयक एवं महान आध्यात्मिक विभूति आदरणीय दीदी मनमोहिनी जी का स्मृति दिवस अत्यंत श्रद्धा, सम्मान एवं आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारी परिवार के सदस्यों, समाजसेवियों, चिकित्सकों एवं श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके प्रेरणादायी जीवन से जुड़े संस्मरण साझा किए।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि दीदी मनमोहिनी जी का संपूर्ण जीवन त्याग, तपस्या, पवित्रता, अनुशासन और निःस्वार्थ सेवा का अनुपम उदाहरण रहा। उन्होंने अपने आध्यात्मिक जीवन के माध्यम से हजारों लोगों को ज्ञान, योग और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा दी।

डॉ. सुधीन्द्र ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि दीदी मनमोहिनी जी केवल एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक ही नहीं, बल्कि ज्ञानमूर्ति, गुणमूर्ति, योगमूर्ति एवं वात्सल्यमूर्ति थीं। उनका स्नेहपूर्ण व्यवहार, सरल व्यक्तित्व और आध्यात्मिक दृष्टिकोण हर किसी को प्रभावित करता था।

समाजसेवी प्रेमेन्द्र गोयल ने कहा कि संस्कार परिवर्तन की सेवा में दीदी जी की दक्षता अद्वितीय थी। लोगों को ज्ञान और राजयोग के मार्ग पर प्रेरित करने की उनकी शैली अत्यंत प्रभावशाली थी। उन्होंने अनेक परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया।

समाजसेवी बिनीता गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि दीदी मनमोहिनी जी में लोगों की भावनाओं और परिस्थितियों को परखने की अद्भुत क्षमता थी। वे एक उत्कृष्ट पत्र लेखिका भी थीं और अपने प्रेरणादायी पत्रों के माध्यम से अनेक लोगों का मार्गदर्शन करती थीं।

स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका ने कहा कि दीदी जी संक्षिप्त पत्रों एवं प्रश्नोत्तर के माध्यम से निराश, दुखी एवं मानसिक रूप से परेशान लोगों को नई आशा और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती थीं। उनका संपूर्ण जीवन त्याग, प्रशासनिक कुशलता, अनुशासन और सेवाभाव का अनुपम उदाहरण है।

इस अवसर पर केन्द्र संचालिका ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने दीदी मनमोहिनी जी के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका लौकिक जन्म हैदराबाद के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। बचपन से ही उन्हें सत्संग, आध्यात्मिक चिंतन एवं श्रीमद्भगवद्गीता के अध्ययन में विशेष रुचि थी। ईश्वर की सच्ची खोज ने उन्हें प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय तक पहुँचाया, जहाँ ब्रह्मा बाबा के दिव्य सान्निध्य में उन्होंने पवित्रता, शांति और आत्मिक सुख का अनुभव किया।

उन्होंने बताया कि ब्रह्मा बाबा द्वारा दिए गए पूर्ण पवित्रता के व्रत को दीदी मनमोहिनी जी ने पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ स्वीकार किया। अनेक सामाजिक एवं पारिवारिक चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने अपनी लौकिक माता एवं छोटी बहन के साथ स्वयं को ईश्वरीय यज्ञ की सेवा में समर्पित कर दिया। प्रारम्भ से ही वे संस्थान की प्रमुख सेवाधारी रहीं और संगठन के विस्तार, प्रशासनिक व्यवस्था तथा आध्यात्मिक सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने दीदी मनमोहिनी जी के आदर्शों पर चलने, आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में अपनाने तथा मानव सेवा एवं विश्व कल्याण के कार्यों में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। श्रद्धांजलि सभा का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा, शांति एवं भावनात्मक श्रद्धा से ओत-प्रोत रहा।

आदरणीय दीदी मनमोहिनी जी की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित, उनके त्याग, तपस्या और सेवाभाव को किया गया नमन आदरणीय दीदी मनमोहिनी जी की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित, उनके त्याग, तपस्या और सेवाभाव को किया गया नमन Reviewed by PSA Live News on 8:13:00 pm Rating: 5

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