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जंतर-मंतर आंदोलन के बीच शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को मिला अतिरिक्त प्रभार


नई दिल्ली, 26 जुलाई 2026। 
देशभर में शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और विभिन्न छात्र संगठनों के आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। 25 जुलाई 2026 को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया। इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से विभिन्न छात्र संगठनों और युवाओं द्वारा शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक, एनटीए की कार्यप्रणाली तथा अन्य मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था। इस घटनाक्रम के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी फिलहाल प्रह्लाद जोशी को सौंप दी है।

प्रह्लाद जोशी लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े रहे हैं। वे कर्नाटक के धारवाड़ से लगातार लोकसभा सांसद हैं और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर चुके हैं।

प्रह्लाद जोशी का राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव

प्रह्लाद वेंकटेश जोशी का जन्म 2 नवंबर 1962 को कर्नाटक के धारवाड़ में हुआ। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में बी.ई. की डिग्री प्राप्त की है। वे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और संगठनात्मक कार्यों में भी उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।

उन्होंने अब तक जिन प्रमुख मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली है, उनमें शामिल हैं—

  • संसदीय कार्य मंत्रालय
  • कोयला मंत्रालय
  • खान मंत्रालय
  • उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
  • नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय

अब उन्हें केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

शिक्षा मंत्री के सामने होंगी कई बड़ी चुनौतियां

देश में नई शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, पेपर लीक की घटनाओं पर रोक तथा छात्रों का विश्वास बहाल करना नए शिक्षा मंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में माना जा रहा है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मंत्रालय को छात्रों और अभिभावकों के विश्वास को मजबूत करने के लिए ठोस एवं पारदर्शी कदम उठाने होंगे। साथ ही भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ाने तथा डिजिटल परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने पर भी विशेष ध्यान देना होगा।

राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज

शिक्षा मंत्रालय में हुए इस बदलाव के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। विपक्ष इसे छात्र आंदोलनों और बढ़ते जनदबाव का परिणाम बता रहा है, जबकि सरकार की ओर से इसे प्रशासनिक व्यवस्था के तहत लिया गया निर्णय बताया जा रहा है।

जंतर-मंतर आंदोलन के बीच शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को मिला अतिरिक्त प्रभार जंतर-मंतर आंदोलन के बीच शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को मिला अतिरिक्त प्रभार Reviewed by PSA Live News on 8:40:00 am Rating: 5

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