ओक एलिगेंस में बढ़ा विवाद: निवासियों ने बिल्डर के आरोपों को बताया निराधार, सुविधाओं की बहाली और वित्तीय पारदर्शिता की उठाई मांग
रांची । पुंदाग स्थित ओक एलिगेंस आवासीय परिसर में मेंटेनेंस शुल्क और मूलभूत सुविधाओं को लेकर निवासियों तथा बिल्डर के बीच विवाद गहराता जा रहा है। सोसाइटी के निवासियों ने बिल्डर कंपनी निसिथ केशरी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा हाल ही में जारी किए गए नोटिस पर कड़ा पलटवार करते हुए उसे तथ्यों से परे और जिम्मेदारियों से बचने का प्रयास बताया है।
निवासियों का कहना है कि सोसाइटी में सुरक्षा, लिफ्ट, सफाई, पार्किंग और अन्य आवश्यक सेवाओं में लगातार गिरावट आई है, जबकि इन सेवाओं के रखरखाव के लिए पहले ही मेंटेनेंस शुल्क जमा किया जा चुका है। उनका आरोप है कि बिल्डर प्रबंधन सुविधाओं की बदहाल स्थिति के लिए स्वयं जिम्मेदार है, लेकिन इसका ठीकरा निवासियों पर फोड़ने की कोशिश की जा रही है।
अग्रिम में जमा किया जा चुका है मेंटेनेंस शुल्क
सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने बताया कि पिछले वर्ष का मेंटेनेंस शुल्क निवासियों द्वारा अग्रिम रूप से जमा किया गया था। इसके बावजूद न तो सुविधाओं के स्तर में अपेक्षित सुधार देखने को मिला और न ही अब तक मेंटेनेंस मद में खर्च की गई राशि का कोई ऑडिटेड विवरण साझा किया गया है।
निवासियों का कहना है कि कई बार लिखित और मौखिक रूप से खर्च का ब्यौरा मांगा गया, लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ऐसे में बिना पारदर्शिता के अतिरिक्त भुगतान की मांग उचित नहीं मानी जा सकती।
भुगतान से इनकार नहीं, जवाबदेही की मांग
प्रदर्शन कर रहे निवासियों ने स्पष्ट किया कि वे मेंटेनेंस शुल्क देने से पीछे नहीं हट रहे हैं। उनका कहना है कि वे नियमित भुगतान के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए आवश्यक है कि बिल्डर पहले सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करे और मेंटेनेंस फंड के उपयोग का पारदर्शी एवं ऑडिटेड लेखा-जोखा उपलब्ध कराए।
निवासियों का तर्क है कि किसी भी आवासीय परियोजना में मेंटेनेंस शुल्क का उद्देश्य निवासियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना होता है, न कि बिना जवाबदेही के धन संग्रह करना।
निर्माणाधीन डी ब्लॉक पर गंभीर आरोप
विवाद का एक बड़ा कारण निर्माणाधीन डी ब्लॉक को लेकर भी सामने आया है। निवासियों का आरोप है कि ए, बी और सी टॉवर के लिए उपलब्ध कराई गई बिजली और पानी जैसी सामुदायिक सुविधाओं का उपयोग डी ब्लॉक के निर्माण कार्य में किया जा रहा है।
निवासियों का कहना है कि इस संबंध में न तो उनसे कोई अनुमति ली गई और न ही इस अतिरिक्त उपयोग के वित्तीय प्रभावों की जानकारी दी गई। उनका आरोप है कि इससे मौजूदा निवासियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और उपलब्ध संसाधनों पर भी दबाव बढ़ रहा है।
सुविधाओं की बदहाली से बढ़ रही परेशानी
सोसाइटी के कई निवासियों ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हुई है, सफाई कार्य नियमित रूप से नहीं हो रहा है तथा पार्किंग प्रबंधन भी अव्यवस्थित हो गया है। लिफ्ट रखरखाव को लेकर भी लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।
निवासियों का कहना है कि जब तक इन मूलभूत सुविधाओं को सुचारु रूप से बहाल नहीं किया जाता, तब तक किसी भी अतिरिक्त वित्तीय मांग को स्वीकार करना कठिन होगा।
निवासियों की दो प्रमुख मांगें
सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने बिल्डर प्रबंधन के समक्ष अपनी दो प्रमुख मांगें रखी हैं—
पहली, सुरक्षा, लिफ्ट, सफाई, पार्किंग और अन्य आवश्यक सेवाओं की तत्काल एवं पूर्ण बहाली सुनिश्चित की जाए।
दूसरी, अब तक वसूले गए मेंटेनेंस शुल्क तथा उसके उपयोग का विस्तृत, पारदर्शी और स्वतंत्र रूप से ऑडिटेड वित्तीय विवरण सभी निवासियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
"सहयोग करेंगे, लेकिन अधिकारों से समझौता नहीं"
सोसाइटी के एक प्रतिनिधि ने कहा कि निवासी किसी टकराव की स्थिति नहीं चाहते और प्रबंधन के साथ सहयोगात्मक समाधान के पक्षधर हैं। उन्होंने कहा, "हम अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों दोनों के प्रति जागरूक हैं। हम मेंटेनेंस भुगतान करने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके बदले हमें गुणवत्तापूर्ण सेवाएं और वित्तीय पारदर्शिता चाहिए। हमारी मेहनत की कमाई का उपयोग किस मद में हो रहा है, यह जानना हमारा अधिकार है।"
उन्होंने आगे कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो निवासी कानूनी और प्रशासनिक विकल्पों पर भी विचार करने के लिए बाध्य होंगे।
समाधान की प्रतीक्षा में निवासी
ओक एलिगेंस में बढ़ते इस विवाद ने आवासीय परियोजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और निवासियों के अधिकारों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें बिल्डर प्रबंधन की अगली प्रतिक्रिया और इस विवाद के संभावित समाधान पर टिकी हुई हैं।
Reviewed by PSA Live News
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9:15:00 pm
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