‘दीक्षा आरंभ’ ओरिएंटेशन कार्यक्रम के तहत संदीप विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का आईसीएआर-राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र का शैक्षणिक भ्रमण
संवाददाता : सुजीत कुमार मिश्र।
मधुबनी। संदीप विश्वविद्यालय, सिजौल, मधुबनी के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर साइंस की ओर से ‘दीक्षा आरंभ’ ओरिएंटेशन कार्यक्रम के अंतर्गत बीएससी एग्रीकल्चर प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए दरभंगा स्थित आईसीएआर-नेशनल रिसर्च सेंटर ऑन मखाना का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मखाना की वैज्ञानिक एवं आधुनिक खेती, उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन तथा कृषि अनुसंधान की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना था।
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने मखाना उत्पादन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं को नजदीक से समझा। संस्थान के शोध वैज्ञानिकों ने विद्यार्थियों को मखाना की उन्नत खेती, बेहतर उत्पादन के लिए अपनाई जाने वाली वैज्ञानिक पद्धतियों, फसल प्रबंधन, प्रसंस्करण की आधुनिक तकनीकों तथा मखाना से विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
वैज्ञानिकों ने बताया कि मखाना केवल पारंपरिक कृषि उपज ही नहीं, बल्कि आधुनिक कृषि, प्रसंस्करण एवं उद्यमिता के क्षेत्र में व्यापक संभावनाओं वाली फसल है। बेहतर तकनीक, वैज्ञानिक प्रबंधन और उचित प्रसंस्करण के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ मखाना आधारित उद्योग एवं रोजगार के नए अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने शोध वैज्ञानिकों के साथ संवाद कर मखाना उत्पादन एवं प्रसंस्करण से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं रखीं। वैज्ञानिकों ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान करते हुए अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी ज्ञान की उपयोगिता को समझाया। इससे विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक कृषि परिस्थितियों से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर मिला।
विद्यार्थियों ने मखाना की खेती से लेकर प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन तक की पूरी प्रक्रिया को समझने में विशेष रुचि दिखाई। शैक्षणिक भ्रमण के दौरान उनमें काफी उत्साह देखा गया। विद्यार्थियों ने कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक भ्रमण से कृषि विषय को समझने में आसानी होती है और भविष्य में कृषि अनुसंधान, आधुनिक खेती, प्रसंस्करण तथा कृषि उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि ‘दीक्षा आरंभ’ जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन की मजबूत आधारशिला तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पुस्तकीय अध्ययन के साथ विद्यार्थियों को कृषि अनुसंधान संस्थानों एवं वास्तविक कृषि गतिविधियों से जोड़ना उनके ज्ञान और कौशल को व्यापक बनाता है। ऐसे भ्रमण विद्यार्थियों में अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करने के साथ-साथ नवाचार, स्वरोजगार और कृषि उद्यमिता की संभावनाओं को समझने में भी मदद करते हैं।
विश्वविद्यालय के अनुसार, आईसीएआर-राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र का यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक अनुभव रहा। इससे उन्हें मखाना जैसी महत्वपूर्ण कृषि फसल की आधुनिक उत्पादन एवं प्रसंस्करण तकनीकों की जानकारी मिलने के साथ कृषि क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार की व्यापक संभावनाओं को समझने का अवसर मिला।
Reviewed by PSA Live News
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11:16:00 pm
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