राखी महोत्सव में बाल पाठशाला प्ले स्कूल के बच्चों ने पहली बार किया डाक सेवा का अनुभव, चिट्ठियों के जरिए परिजनों तक पहुँचाया स्नेह
गुमला। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर चिट्ठियों के माध्यम से रिश्तों में स्नेह और अपनापन जोड़ने की पुरानी परंपरा को नई पीढ़ी से जोड़ने की अनूठी पहल गुमला मुख्य डाकघर में देखने को मिली। बाल पाठशाला प्ले स्कूल, गुमला के नन्हे बच्चों ने स्वयं राखियां तैयार कीं और अपने परिजनों के लिए स्नेह से भरी चिट्ठियां लिखीं। इसके बाद बच्चे पहली बार सामूहिक रूप से गुमला मुख्य डाकघर पहुंचे और अपने हाथों से पत्रपेटी में पत्र डालकर डाक सेवा का प्रत्यक्ष अनुभव लिया।
डाकघर पहुंचते ही बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। नन्हे-नन्हे हाथों से लिखी चिट्ठियां जब पत्रपेटी में पहुंचीं तो बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। बच्चों के इस उत्साह को देखकर गुमला मुख्य डाकघर के कर्मचारी भी काफी प्रसन्न हुए। डाकघर परिवार की ओर से बच्चों का स्वागत करते हुए उन्हें चॉकलेट खिलाई गई और उनका उत्साहवर्धन किया गया।
इस अवसर पर गुमला मुख्य डाकघर के मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव श्री निरंजन ओहदार एवं श्री सुनील जी उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों को डाक सेवा और पत्र भेजने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ अपने पत्र पत्रपेटी में डाले और उन्हें अपने भाई-बहनों एवं परिजनों तक पहुंचने की उम्मीद के साथ वापस लौटे।
विद्यालय की प्राचार्या एवं शिक्षकगण भी बच्चों के साथ डाकघर पहुंचे और उन्हें प्रोत्साहित किया। डाकघर परिवार ने विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को केवल पत्र लेखन और डाक सेवा से परिचित नहीं कराते, बल्कि उन्हें परिवार, रिश्तों और भावनाओं के महत्व से भी जोड़ते हैं।
चिट्ठी भावनाओं को जोड़ने वाला माध्यम : पोस्टमास्टर
इस अवसर पर श्री शिव शंकर ठाकुर, पोस्टमास्टर, गुमला मुख्य डाकघर, ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर डाक विभाग के माध्यम से राखी एवं शुभकामना संदेश भेजने को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। इस आयोजन की विशेषता यह रही कि अब बड़े ही नहीं, बल्कि नन्हे बच्चे भी अपने प्रियजनों तक राखी और स्नेह का संदेश पहुंचाने के लिए डाक विभाग से जुड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चिट्ठी केवल कागज का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि भावनाओं, यादों और रिश्तों को जोड़ने वाला माध्यम है। बचपन से ही बच्चों को पत्र लेखन और डाक सेवा से जोड़ना हमारी भावनात्मक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक सुंदर पहल है।
उन्होंने बाल पाठशाला प्ले स्कूल के बच्चों, प्राचार्या और शिक्षकगण के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक डिजिटल दौर में भी चिट्ठियों का अपना अलग भावनात्मक महत्व है। बच्चों द्वारा अपने हाथों से लिखी गई चिट्ठियां रिश्तों में अपनापन और आत्मीयता का संदेश देती हैं।
राखी और शुभकामना संदेश डाक से भेजने की अपील
गुमला मुख्य डाकघर की ओर से आम नागरिकों से अपील की गई कि रक्षाबंधन के अवसर पर अपने भाई-बहनों, परिजनों और प्रियजनों को राखी एवं शुभकामना संदेश डाक विभाग के माध्यम से भेजें। विभाग ने कहा कि इस तरह लोग न केवल अपने प्रियजनों तक स्नेह पहुंचा सकते हैं, बल्कि चिट्ठी और डाक सेवा से जुड़ी भावनात्मक परंपरा को भी आगे बढ़ा सकते हैं।
बाल पाठशाला प्ले स्कूल के बच्चों की यह पहल रक्षाबंधन के अवसर पर रिश्तों में स्नेह, बचपन में संस्कार और चिट्ठियों में भावनाओं का सुंदर संगम बन गई।
Reviewed by PSA Live News
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2:22:00 pm
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