ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने कहा—रक्षाबंधन केवल परंपरा नहीं, आत्मशुद्धि और सकारात्मक संकल्प का पर्व
राँची। श्रावण मास के पावन अवसर पर रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष्य में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, चौधरी बागान, हरमू रोड, राँची की केन्द्र संचालिका ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने राँची वार एसोसिएशन में पहुँचकर अधिवक्ताओं के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। इस दौरान उन्होंने अधिवक्ता हेमंत शर्मा सहित उपस्थित अधिवक्ताओं को रक्षा सूत्र बाँधा और सभी को ईश्वरीय संदेश देते हुए जीवन में पवित्रता, सकारात्मकता एवं श्रेष्ठ संकल्पों को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल एक पारंपरिक अथवा सामाजिक त्योहार नहीं है, बल्कि यह आत्म परिवर्तन, आत्मशुद्धि और श्रेष्ठ संकल्पों को जीवन में धारण करने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि राखी का पवित्र धागा प्रेम, सुरक्षा, विश्वास और पवित्रता का प्रतीक है। यह पर्व हमें एक-दूसरे के प्रति अपने दायित्वों को समझने तथा समाज में प्रेम, शांति और सद्भाव को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि सामान्य रूप से रक्षाबंधन को भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के पर्व के रूप में देखा जाता है, लेकिन इसका आध्यात्मिक अर्थ इससे कहीं व्यापक है। राखी बाँधने का संकल्प केवल बाहरी सुरक्षा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि हमें नकारात्मक विचारों, बुराइयों, विकारों और गलत प्रवृत्तियों से स्वयं को बचाने का भी संकल्प लेना चाहिए।
ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने कहा कि मनुष्य का जीवन केवल भौतिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। वास्तविक सुख और शांति आत्मिक उन्नति से प्राप्त होती है। रक्षाबंधन हमें यह स्मरण कराता है कि हम केवल शरीर नहीं, बल्कि चेतन आत्माएँ हैं। जब व्यक्ति अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानकर परमात्मा से जुड़ता है, तब उसके जीवन में प्रेम, शांति, पवित्रता और सद्भाव का विकास होता है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में जब समाज विभिन्न प्रकार की नकारात्मकताओं, तनाव और आपसी मतभेदों से गुजर रहा है, ऐसे में रक्षाबंधन जैसे पर्वों का महत्व और भी बढ़ जाता है। यह पर्व हमें एक-दूसरे के सम्मान, सुरक्षा, कल्याण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्ध होने का संदेश देता है। उन्होंने उपस्थित अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वे अपने कार्यक्षेत्र में न्याय के साथ-साथ मानवता, संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच को भी प्राथमिकता दें।
उन्होंने कहा कि कानून और न्याय के क्षेत्र से जुड़े लोगों की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अधिवक्ता समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ऐसे में उनके जीवन में सत्य, निष्ठा, पवित्रता और मानवीय संवेदना का विशेष महत्व है।
इस अवसर पर अधिवक्ता हेमंत शर्मा सहित वार एसोसिएशन में उपस्थित अधिवक्ताओं ने ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन द्वारा दिए गए आध्यात्मिक संदेश की सराहना की। अधिवक्ताओं ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर इस प्रकार का आध्यात्मिक आयोजन पर्व के वास्तविक उद्देश्य और सामाजिक महत्व को समझने का अवसर प्रदान करता है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिवक्ताओं ने ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन के प्रति आभार व्यक्त किया और रक्षाबंधन की शुभकामनाएँ दीं। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रेम, पवित्रता, शांति और सद्भाव का संदेश प्रमुख रूप से गूंजता रहा।
Reviewed by PSA Live News
on
5:19:00 pm
Rating:

कोई टिप्पणी नहीं: