एक ही छत के नीचे मिलेगी चिकित्सा, कानूनी, पुलिस सहायता और मनो-सामाजिक परामर्श की सुविधा
मधुबनी। महिलाओं की सुरक्षा, सहायता और सशक्तिकरण की दिशा में मधुबनी जिले को एक महत्वपूर्ण सुविधा मिली है। महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार के अंतर्गत संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर, मधुबनी के नवनिर्मित भवन का शुभारंभ जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने फीता काटकर किया। इसके बाद दीप प्रज्वलित कर आयोजित उन्मुखीकरण सभा का विधिवत शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में सखी वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली, उद्देश्य तथा संकटग्रस्त महिलाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने बताया कि सखी वन स्टॉप सेंटर का मूल उद्देश्य हिंसा, उत्पीड़न अथवा किसी अन्य संकट से प्रभावित महिलाओं को एक ही छत के नीचे आवश्यक सहायता और सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अलग-अलग कार्यालयों और संस्थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें।
हर संकट में महिलाओं को मिलेगा संस्थागत सहयोग
जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने जिले की महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या अथवा संकट की स्थिति में उन्हें चुप रहने या संकोच करने की आवश्यकता नहीं है। महिलाएं बेझिझक सखी वन स्टॉप सेंटर से संपर्क कर सरकारी सहायता एवं संरक्षण प्राप्त कर सकती हैं।
उन्होंने विशेष रूप से घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, मानव तस्करी तथा अन्य प्रकार की हिंसा से प्रभावित महिलाओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों और उपलब्ध सरकारी सहायता सेवाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में सखी वन स्टॉप सेंटर महिलाओं के लिए सहयोग और संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
एक केंद्र पर कई जरूरी सेवाएं
सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से पीड़ित एवं संकटग्रस्त महिलाओं को चिकित्सीय सहायता, कानूनी सहायता, पुलिस सहायता, एफआईआर/डीआईआर दर्ज कराने में सहयोग, मनो-सामाजिक परामर्श तथा आवश्यकता पड़ने पर अस्थायी आश्रय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य पीड़ित महिला को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ उसे कानूनी एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाना भी है। केंद्र के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों तथा सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और सहायता सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
नए भवन से बढ़ेगी सुविधाओं की पहुंच
नवनिर्मित भवन के शुरू होने से जिले की महिलाओं को सहायता प्राप्त करने में पहले की अपेक्षा अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है। केंद्र के माध्यम से महिलाओं के बीच सुरक्षा, अधिकारों और सरकारी सहायता तंत्र को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
कार्यक्रम में अधिकारियों एवं महिला एवं बाल विकास निगम की टीम ने जिले की अधिकाधिक महिलाओं तक सहायता, संरक्षण और जागरूकता पहुंचाने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल सरकारी व्यवस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है।
अधिकारी एवं कर्मी रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) शिवम धाकड़, सहायक आरक्षी अधीक्षक रश्मि, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी ज्योति रानी, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (आईसीडीएस)-सह-नोडल पदाधिकारी, महिला विकास निगम डॉ. ललिता कुमारी, जिला मिशन समन्वयक, DHEW अंजनी कुमार झा, जिला समन्वयक, सक्षम आंगनवाड़ी एवं मिशन पोषण 2.0 स्मित प्रतीक सिन्हा, लैंगिक विशेषज्ञ, DHEW शिवराम मेहरा, वन स्टॉप सेंटर मधुबनी की केंद्र प्रशासक सुषमा कुमारी, वन स्टॉप सेंटर झंझारपुर की केंद्र प्रशासक साइना मिर्जा, लेखा सहायक पारस कुमार, परामर्शी दीपशिखा सिंह सहित महिला एवं बाल विकास निगम की पूरी टीम उपस्थित रही।
कार्यक्रम का संचालन अंजनी कुमार झा, जिला कार्यक्रम समन्वयक, DHEW, मधुबनी ने किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
Reviewed by PSA Live News
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10:50:00 pm
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