राँची : नगर के प्रसिद्ध दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में 29 अगस्त शनिवार को भादो कृष्णपक्ष की पहली तिथि एवं शुभाशुभे त्रिपुष्करयोग के संयोग में 946 वें खिचड़ी भंडारे का भव्य आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ । भंडारे में 1617 के संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया ।
खिचड़ी भंडारे आयोजन में यजमान श्री अजीत धर्मपत्नी श्रीमती बबीता कुमारी रांची निवासी हुए
चातुर्यमास में अशून्य शयन व्रत का बड़ा ही महत्व है
चंद्रोदय व्यापिनी द्वितीया तिथि में अशून्य शयन का व्रत आज ही मनाया गया । द्वितीया तिथि में सुसम्पन होने वाले अशून्य शयन व्रत अनुष्ठित होने पर स्त्री कभी विधवा नहीं हो सकती और पुरुष को पत्नी वियोग नहीं होता । जिस समय जगत्पति भगवान श्रीविष्णु अपनी प्रिया समेत शयन करते हैं, उन्हीं दिनों से यह अशून्य शयन नामक व्रत आरंभ होता है जो चौमासा के प्रत्येक कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि में मनाया जाता है । इस अवसर पर श्रद्धा -भक्ति समेत भगवान श्रीधर लक्ष्मीवेंकटेश्वर की नित्याराधन ,महाआरती,महाभोग और महास्तुति आदि के बाद पुष्प, धूप ,कुंकुम ,चंदन अक्षत एवं सामयिक फल इत्यादि से पूजा संपन्न करके अनंतर मंत्रों के उच्चारण पूर्वक जगत्पति की विशेष आराधना की गयी और अंत में प्रार्थना किया कि हे श्रीधाम ! श्रीपते! सभी धर्मावलंबी भक्तों के गार्हस्थ्य धर्म का कभी विघटन न हो । इसके अतिरिक्त सभी अग्नि, देवताओं , ऋषि, महर्षियों और पितरों के भी दांपत्य जीवन में कोई विघ्न न हो ।
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9:38:00 pm
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