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कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा से समझौता नहीं, अवांछित व्यवहार पर भी कानून की नजर

बसैठा विद्यालय में POSH अधिनियम-2013 पर जागरूकता कार्यशाला, शिकायत प्रक्रिया और संस्थागत जिम्मेदारियों की दी गई जानकारी



मधुबनी, 8 सितंबर।
कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक एवं गरिमापूर्ण वातावरण सुनिश्चित करना प्रत्येक संस्थान की जिम्मेदारी है। महिलाओं की सुरक्षा केवल कानूनी प्रावधानों तक सीमित विषय नहीं, बल्कि संस्थागत संवेदनशीलता और जवाबदेही से भी जुड़ा हुआ है। यह बात जिला मिशन समन्वयक अंजनी कुमार झा ने सीता मुरलीधर +2 उच्च विद्यालय, बसैठा में आयोजित POSH अधिनियम-2013 पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान कही।

जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ विमेन (DHEW), मिशन शक्ति, मधुबनी एवं महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार के तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में शिक्षकों एवं कर्मियों को कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकार, यौन उत्पीड़न की रोकथाम तथा शिकायतों के निवारण से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।

अंजनी कुमार झा ने कहा कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न को केवल शारीरिक हरकत तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। अनुचित स्पर्श, अवांछित शारीरिक निकटता, यौन प्रकृति की टिप्पणियां या संकेत, अशोभनीय संदेश अथवा चित्र भेजना, यौन संबंध या यौन लाभ की मांग करना तथा किसी भी प्रकार का अवांछित मौखिक, गैर-मौखिक या लिखित व्यवहार महिला को असहज, अपमानित, भयभीत या असुरक्षित महसूस करा सकता है और परिस्थितियों के अनुसार कानून के दायरे में आ सकता है।

उन्होंने कहा कि कानून की जानकारी के साथ संस्थानों में ऐसा वातावरण विकसित करना जरूरी है, जहां महिलाएं बिना भय या दबाव के अपनी शिकायत सामने रख सकें। उन्होंने शिक्षकों एवं कर्मियों से सम्मानजनक व्यवहार को संस्थागत संस्कृति का हिस्सा बनाने तथा महिलाओं की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील एवं जिम्मेदार भूमिका निभाने की अपील की।

शिकायत प्रक्रिया और निवारण व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा

कार्यशाला में लैंगिक विशेषज्ञ शिवराम मेहरा ने POSH अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, शिकायतों के निवारण की व्यवस्था, संस्था एवं नियोक्ता की जिम्मेदारियों तथा कार्यस्थल पर महिलाओं को प्राप्त अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में निर्धारित कानूनी एवं संस्थागत प्रक्रिया का सहारा लेने के लिए प्रेरित किया।

इस दौरान प्रतिभागियों ने POSH अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग से जुड़े सवाल पूछे। जिला मिशन समन्वयक अंजनी कुमार झा एवं लैंगिक विशेषज्ञ शिवराम मेहरा ने प्रश्नों का विस्तारपूर्वक समाधान किया।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक काशफूददूजा सहित कृष्ण कुमार झा, रामचन्द्र राम, अभिलाषा राजभर, विश्वनाथ प्रसाद, सुरेश कुमार भगत, सत्यवीर सिंह, सत्येन्द्र कुमार, रामबाबू कुमार, जितेंद्र पासवान, संतोष मण्डल, शिल्पी कुमारी, सबाना परवीन, सुषमा कुमारी, राजकुमारी एवं संगम कुमारी पांडेय समेत अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

मुख्य संदेश

“सुरक्षित कार्यस्थल केवल नियमों से नहीं, बल्कि सम्मानजनक व्यवहार, संवेदनशील सोच और संस्थागत जवाबदेही से बनता है।”

कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा से समझौता नहीं, अवांछित व्यवहार पर भी कानून की नजर कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा से समझौता नहीं, अवांछित व्यवहार पर भी कानून की नजर Reviewed by PSA Live News on 8:03:00 am Rating: 5

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