ब्लॉग खोजें

सुप्रीम कोर्ट की टीम के दौरे से पहले अलीगंज में कार्रवाई तेज, सात अवैध इमारतें सील

5 सितंबर को टीम करेगी 51 चिन्हित व्यावसायिक भवनों का स्थलीय निरीक्षण, आवासीय जमीन पर व्यावसायिक गतिविधियों पर कसा शिकंजा


लखनऊ।
अलीगंज में आवासीय भू-उपयोग वाली जमीन पर नियमों के विपरीत बनाए गए व्यावसायिक भवनों के खिलाफ लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने कार्रवाई तेज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट की टीम के 5 सितंबर को प्रस्तावित निरीक्षण से पहले एलडीए ने अलीगंज में सात अवैध व्यावसायिक इमारतों को सील किया है। इससे क्षेत्र में अवैध निर्माण और आवासीय भूखंडों के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर प्रशासनिक सक्रियता बढ़ गई है।

एलडीए के अनुसार, अलीगंज क्षेत्र में आवासीय भू-उपयोग वाली जमीन पर 51 व्यावसायिक निर्माण चिन्हित किए गए हैं। इन भवनों में स्वीकृत भू-उपयोग और निर्माण मानकों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद इन भवनों की फाइलें और निर्माण से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

आग की घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान

अलीगंज में अवैध व्यावसायिक निर्माण का मामला उस समय गंभीर रूप से सामने आया, जब 22 जून को सेक्टर-डी में आवासीय भूखंड पर बने एक अवैध व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में आग लग गई थी। इस हादसे में 15 लोगों की मौत की रिपोर्ट सामने आई थी। घटना के बाद अवैध निर्माण और भवनों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सवाल उठे और मामला सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में पहुंचा।

सुप्रीम कोर्ट ने अलीगंज में चिन्हित भवनों की स्थिति और उन पर हुई कार्रवाई का विवरण मांगा है। अब 5 सितंबर को न्यायालय की टीम मौके पर पहुंचकर भवनों का स्थलीय सत्यापन और निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान भवनों के स्वीकृत मानचित्र, वास्तविक निर्माण, सेटबैक, भू-उपयोग और अन्य निर्धारित मानकों का मिलान किया जा सकता है।

सीलिंग अभियान में विरोध भी

एलडीए की कार्रवाई के दौरान कुछ भवन स्वामियों और स्थानीय लोगों की ओर से विरोध किए जाने की भी खबर है। इसके बावजूद प्रवर्तन टीम ने चिह्नित सात भवनों को सील कर दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, सील किए गए परिसरों में विभिन्न प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं।

एलडीए का कहना है कि जिन मामलों में सक्षम न्यायालय से कोई स्थगन आदेश नहीं है, उनमें नियमानुसार सीलिंग अथवा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है।

मड़ियांव-सीतापुर रोड पर भी उठ रहे सवाल

अलीगंज के साथ-साथ मड़ियांव-सीतापुर रोड के ताड़ीखाना-भारत नगर क्षेत्र में भी आवासीय परिसरों में इलेक्ट्रॉनिक सामान के गोदाम और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह जांच का विषय है कि इन परिसरों का वास्तविक भू-उपयोग क्या है और वहां संचालित गतिविधियों के लिए संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति ली गई है या नहीं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, आवासीय भूखंडों का बड़े पैमाने पर व्यावसायिक इस्तेमाल न केवल नियोजन नियमों का मामला है, बल्कि पार्किंग, अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकासी और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा से भी सीधे जुड़ा है।

अब 5 सितंबर के निरीक्षण पर नजर

सुप्रीम कोर्ट की टीम के प्रस्तावित दौरे से पहले एलडीए की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 51 चिन्हित भवनों में से कितने निर्माण वास्तव में नियमों के अनुरूप पाए जाते हैं और कितनों पर आगे सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होती है।

सुप्रीम कोर्ट की टीम के निरीक्षण और उसके बाद प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट से अलीगंज के इन 51 भवनों के भविष्य को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

सुप्रीम कोर्ट की टीम के दौरे से पहले अलीगंज में कार्रवाई तेज, सात अवैध इमारतें सील सुप्रीम कोर्ट की टीम के दौरे से पहले अलीगंज में कार्रवाई तेज, सात अवैध इमारतें सील Reviewed by PSA Live News on 7:40:00 am Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.