जय-जयकार, घंटानाद और हरिनाम संकीर्तन से गूंजता रहा मंदिर परिसर; भगवान वेंकटेश्वर ने श्रीकृष्ण, श्रीदेवी ने रुक्मिणी और भूमिदेवी ने राधिका स्वरूप में दिए दर्शन
रांची। पहाड़ी मंदिर के समीप स्थित श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर (श्री तिरुपति बालाजी) मंदिर में शुक्रवार, 4 सितंबर को देवकीनंदन भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य महोत्सव के अवसर पर पूरे दिन भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत वातावरण बना रहा। शास्त्रीय एवं वैदिक विधान के अनुसार ब्रह्ममुहूर्त से लेकर अर्धरात्रि तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, श्रीविष्णु सहस्रनाम के सामूहिक पाठ तथा श्रीकृष्ण स्तोत्रों के गायन का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर लगातार भगवान श्रीकृष्ण की जय-जयकार, घंटानाद और हरिनाम संकीर्तन के स्वरों से गूंजता रहा।
महोत्सव की शुरुआत प्रातः 4:30 बजे भगवान श्रीवेंकटेश्वर, श्रीश्रीदेवी एवं श्रीभूमिदेवी तथा आयुधवर चक्रराज सुदर्शन जी के विशेष महाभिषेक से हुई। दूध, दधि सहित विभिन्न औषधीय द्रव्यों से विधिवत अभिषेक के उपरांत भगवान एवं भगवती का वस्त्राभूषणों तथा सुगंधित पुष्पों से भव्य श्रृंगार किया गया। इसके बाद विशेष रूप से सजाए गए झूले पर भगवान श्रीवेंकटेश्वर को श्रीकृष्ण स्वरूप, श्रीश्रीदेवी को रुक्मिणी स्वरूप तथा श्रीभूमिदेवी को राधिका स्वरूप में विराजमान कराया गया।
भगवान के इस मनोहारी स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। झूले पर विराजमान भगवान श्रीकृष्ण, रुक्मिणी और राधिका के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण देखते ही बन रहा था। फलाहार व्यंजनों का बालभोग अर्पित करने के बाद विधिवत मंत्रोच्चार के साथ महाआरती एवं महास्तुति संपन्न की गई।
महोत्सव के क्रम में रात्रि 8 बजे से श्रीकृष्ण हरिनाम संकीर्तन एवं भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। भक्ति गीतों और संकीर्तन की रसधारा में श्रद्धालु देर तक झूमते रहे। इसके बाद श्रीविष्णु सहस्रनाम का सामूहिक पाठ किया गया। रात्रि 9 बजे से भगवान की विशेष आराधना, षोडशोपचार पूजा, नैवेद्य भोग, आरती एवं स्तुति का आयोजन हुआ। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था।
पूरे कार्यक्रम को मंदिर के अर्चक श्री सत्यनारायण गौतम, श्री गोपेश आचार्य एवं श्री नारायण दास ने वैदिक एवं शास्त्रीय विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया। पूजा-अर्चना के दौरान मंत्रोच्चार, शंखध्वनि, घंटानाद और हरिनाम संकीर्तन से मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।
महोत्सव में राम अवतार नारसरिया, अनूप अग्रवाल, प्रदीप नारसरिया, रंजन सिंह, प्रकाश मोदी, रश्मि मोदी, प्रदीप मोदी सहित अनेक श्रद्धालु एवं भक्तजन उपस्थित रहे। सभी ने भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर सुख-शांति एवं मंगल की कामना की।
श्रीकृष्ण प्राकट्य महोत्सव ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि भक्ति, संकीर्तन और धार्मिक परंपराएं समाज को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। मंदिर परिसर में देर रात तक भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाते हुए महोत्सव में सहभागी बने।
Reviewed by PSA Live News
on
11:24:00 pm
Rating:


कोई टिप्पणी नहीं: