260 प्रखंडों के 4,395 ग्राम पंचायतों और 26,777 गैर-जीपी गांवों तक पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड
रांची, 10 सितंबर 2026। झारखंड में ग्रामीण डिजिटल कनेक्टिविटी को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (Amended BharatNet Programme–ABP) के तहत भारतनेट फेज-III के क्रियान्वयन के लिए गुरुवार को Project Implementation and Support Agreement पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते से राज्य के ग्रामीण और अपेक्षाकृत कम डिजिटल कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क के विस्तार का मार्ग प्रशस्त होगा।
समझौता भारत सरकार के डिजिटल भारत निधि (DBN), झारखंड सरकार और झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (JDICL) के बीच हुआ। भारत सरकार की ओर से DBN के Administrator श्यामल मिश्रा उपस्थित रहे। झारखंड सरकार की ओर से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव पूजा सिंघल और निदेशक माधवी मिश्रा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
260 प्रखंडों में विस्तारित होगा डिजिटल नेटवर्क
संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत झारखंड के 260 प्रखंडों, 4,395 ग्राम पंचायतों और 26,777 गैर-ग्राम पंचायत (Non-GP) गांवों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के दायरे में लाने का लक्ष्य है। इससे राज्य के दूरदराज और कम सेवा प्राप्त ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के अंतर्गत 4,387 मौजूदा ग्राम पंचायतों को Ring Topology में अपग्रेड किया जाएगा, जबकि 8 नई ग्राम पंचायतों को Ring Topology के माध्यम से नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे नेटवर्क की क्षमता, स्थिरता और विश्वसनीयता में सुधार की उम्मीद है।
पांच वर्षों में 4.39 लाख FTTH कनेक्शन का प्रावधान
भारतनेट फेज-III के तहत अगले पांच वर्षों में 4,39,049 FTTH कनेक्शन उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। ग्राम पंचायतों और गैर-जीपी गांवों में मांग के आधार पर हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही Middle-Mile Infrastructure के निर्माण और उन्नयन पर भी जोर दिया जाएगा।
राज्य में नेटवर्क की निगरानी और संचालन को मजबूत करने के लिए State Network Operations Centre (SNOC) की स्थापना और संचालन का भी प्रावधान है।
BSNL देगा परियोजना प्रबंधन में तकनीकी सहयोग
परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए BSNL द्वारा JDICL को Project Management Consultancy (PMC) सहायता प्रदान की जाएगी। इससे परियोजना की योजना, निगरानी, तकनीकी समन्वय और कार्यान्वयन में सहयोग मिलेगा।
ग्रामीण परिवारों और सरकारी संस्थानों को मिलेगा लाभ
भारतनेट फेज-III का प्रमुख उद्देश्य केवल ग्राम पंचायतों तक नेटवर्क पहुंचाना ही नहीं, बल्कि उपलब्ध डिजिटल बुनियादी ढांचे के माध्यम से ग्रामीण परिवारों, सरकारी संस्थानों और अन्य उपयोगकर्ताओं तक ब्रॉडबैंड सेवाओं का विस्तार करना है।
बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी से ग्रामीण क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन एवं स्वास्थ्य सेवाओं, डिजिटल सरकारी योजनाओं और अन्य ऑनलाइन सुविधाओं तक लोगों की पहुंच आसान हो सकती है। सरकारी संस्थानों के डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग और नागरिक-केंद्रित सेवाओं की ऑनलाइन आपूर्ति को भी इससे मजबूती मिलने की उम्मीद है।
केंद्र और राज्य के सहयोग से डिजिटल झारखंड की ओर कदम
संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को झारखंड में केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार की ओर से परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण समुदायों तक डिजिटल कनेक्टिविटी का लाभ पहुंचाने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
यह पहल झारखंड के ग्रामीण इलाकों में डिजिटल विभाजन को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यदि निर्धारित नेटवर्क और FTTH विस्तार लक्ष्य समयबद्ध तरीके से पूरे होते हैं, तो इससे ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट आधारित सेवाओं, डिजिटल शासन और ऑनलाइन सुविधाओं की पहुंच को व्यापक बनाने में मदद मिलेगी।
Reviewed by PSA Live News
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7:42:00 pm
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