मैथिली गायिका मैथिली ठाकुर ने विधायक बनते ही मिथिला मिरर यूट्यूब चैनल को कराया बंद, चैनल को दिए अपने 9 साल पुरानी इंटरव्यू पर मारा स्ट्राइक
मिथिला मिरर यूट्यूब चैनल हुआ बंद, 9 साल पुराने इंटरव्यू पर कॉपीराइट विवाद से उठा पत्रकारिता बनाम अधिकारों का सवाल
दरभंगा। मिथिला क्षेत्र की डिजिटल पत्रकारिता का एक जाना-पहचाना नाम रहे यूट्यूब चैनल ‘मिथिला मिरर’ को यूट्यूब ने स्थायी रूप से बंद (टर्मिनेट) कर दिया है। यह कार्रवाई लोकगायिका मैथिली ठाकुर की ओर से भेजी गई लगातार तीन कॉपीराइट स्ट्राइक के बाद की गई, जो चैनल पर अपलोड किए गए एक करीब 9 साल पुराने इंटरव्यू वीडियो से संबंधित बताई जा रही हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित इंटरव्यू उस दौर का है जब मैथिली ठाकुर राष्ट्रीय पहचान की ओर अग्रसर थीं और यह सामग्री ‘मिथिला मिरर’ द्वारा पत्रकारिता एवं साक्षात्कार (इंटरव्यू) कंटेंट के रूप में रिकॉर्ड व प्रकाशित की गई थी। चैनल संचालकों का कहना है कि यह वीडियो उनके प्लेटफॉर्म पर पहले से मौजूद था और इसमें किसी भी प्रकार का व्यावसायिक संगीत या कॉपीराइट उल्लंघन का उद्देश्य नहीं था।
हालांकि, हाल ही में इसी वीडियो को आधार बनाकर मैथिली ठाकुर की ओर से एक के बाद एक तीन कॉपीराइट क्लेम/स्ट्राइक दर्ज कराई गईं। यूट्यूब की नीति के अनुसार, यदि किसी चैनल पर 90 दिनों के भीतर तीन कॉपीराइट स्ट्राइक लग जाती हैं, तो उस चैनल को बिना किसी अतिरिक्त चेतावनी के स्थायी रूप से हटाया जा सकता है। इसी नीति के तहत ‘मिथिला मिरर’ चैनल को टर्मिनेट कर दिया गया।
चैनल से जुड़े लोगों का यह भी कहना है कि स्ट्राइक मिलने के बाद काउंटर नोटिस (अपील) करने की प्रक्रिया मौजूद होती है, लेकिन समय, तकनीकी जटिलताओं और लगातार स्ट्राइक की वजह से चैनल को बचाया नहीं जा सका। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि काउंटर नोटिस की प्रक्रिया पूरी तरह अपनाई गई थी या नहीं।
इस घटना के बाद मिथिला क्षेत्र के डिजिटल क्रिएटर्स, पत्रकारों और दर्शकों के बीच तीखी चर्चा शुरू हो गई है। कई लोग इसे कॉपीराइट अधिकार बनाम पत्रकारिता की स्वतंत्रता के टकराव के रूप में देख रहे हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या वर्षों पुराने इंटरव्यू और समाचार सामग्री पर इस तरह की कार्रवाई डिजिटल मीडिया के लिए एक खतरनाक उदाहरण बन सकती है।
वहीं, कुछ लोगों का यह भी मानना है कि कलाकारों को अपने कंटेंट के अधिकारों की रक्षा का पूरा हक है, लेकिन ऐसे मामलों में संवाद, अनुमति या आंशिक समाधान का रास्ता भी अपनाया जा सकता था, ताकि एक पूरे मीडिया प्लेटफॉर्म को बंद होने से बचाया जा सके।
फिलहाल, ‘मिथिला मिरर’ चैनल प्रबंधन की ओर से आगे की रणनीति, संभावित कानूनी कार्रवाई या यूट्यूब स्तर पर पुनर्विचार (रीव्यू/रीइंस्टेटमेंट) को लेकर किसी औपचारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। यह मामला आने वाले समय में क्षेत्रीय डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल साबित हो सकता है।
Reviewed by PSA Live News
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8:55:00 pm
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