UYSF वर्ल्ड योगा कप 2025 में सब-जूनियर बालिका वर्ग की ‘चैंपियंस ऑफ चैंपियन’ बनीं वान्या शर्मा
गाज़ियाबाद। दीन दयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में 27 दिसंबर 2025 को आयोजित UYSF वर्ल्ड योगा कप 2025 में हिंदुस्तान की नन्ही योग साधिका वान्या शर्मा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए सब-जूनियर बालिका वर्ग में ‘चैंपियंस ऑफ चैंपियन’ का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ वान्या ने न केवल अपने विद्यालय और परिवार, बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
इस भव्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिंदुस्तान सहित 12 देशों—यूनाइटेड किंगडम, चीन, मलेशिया, थाईलैंड, पुर्तगाल, श्रीलंका समेत—के सैकड़ों प्रतिभाशाली योग खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा और उच्चस्तरीय प्रस्तुतियों के बीच वान्या ने अपनी उत्कृष्ट तकनीक, संतुलन, लचीलापन और आत्मविश्वास से निर्णायकों को मंत्रमुग्ध करते हुए ओवरऑल चैंपियनशिप पर कब्ज़ा जमाया।
एस.डी. पब्लिक स्कूल, पीतमपुरा की कक्षा 2 की छात्रा वान्या शर्मा ने विभिन्न स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन किया—
पारंपरिक योगासन में प्रथम स्थान, आर्टिस्टिक पेयर योग में अपनी जोड़ीदार मिशा सैनी के साथ द्वितीय स्थान, ग्रुप योग इवेंट में द्वितीय स्थान।
उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए वान्या को प्रतियोगिता के विशेष आकर्षण स्कूटी पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह सफलता वान्या की असाधारण प्रतिभा, निरंतर अभ्यास और कठोर अनुशासन का प्रमाण है। उनकी इस उड़ान के पीछे उनके पिता एवं कोच, प्रख्यात योग गुरु हेमंत शर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके तकनीकी प्रशिक्षण, अनुशासित मार्गदर्शन और प्रेरणा ने वान्या को इस शिखर तक पहुँचाने में निर्णायक भूमिका निभाई। साथ ही, माटा स्पोर्ट्स द्वारा मिला निरंतर सहयोग और पेशेवर प्रशिक्षण भी इस ऐतिहासिक सफलता की मजबूत नींव बना।
इस अवसर पर Universal Yoga Sports Federation (UYSF) के वर्ल्ड प्रेसिडेंट श्री सुरेश कुमार एवं UYSF इंडिया की प्रेसिडेंट श्रीमती ज्योति पाल ने वान्या शर्मा को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में ‘चैंपियंस ऑफ चैंपियन’ बनना भारतीय योग प्रतिभा की शक्ति और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है। दोनों ने वान्या के सुनहरे भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वह आने वाले वर्षों में हिंदुस्तान का नाम वैश्विक पटल पर और ऊँचाइयों तक पहुँचाएंगी।
अपनी जीत पर भावुक वान्या शर्मा ने कहा,
“मेरी इस सफलता में मेरे पापा और कोच योग गुरु हेमंत शर्मा तथा माटा स्पोर्ट्स का बहुत बड़ा योगदान है। उनके मार्गदर्शन और विश्वास के बिना यह संभव नहीं था।”
वान्या शर्मा की यह ऐतिहासिक जीत इस बात का सशक्त प्रमाण है कि हिंदुस्तान की योग परंपरा आज भी विश्व मंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है। इतनी कम उम्र में मिली यह अंतरराष्ट्रीय सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का उज्ज्वल स्रोत बनेगी।
Reviewed by PSA Live News
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10:43:00 pm
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