नई दिल्ली। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन पार्लियामेंटरी अफेयर्स (CCPA) ने संसद के आगामी बजट सत्र की महत्वपूर्ण तारीखों को मंजूरी दे दी है। तय कार्यक्रम के अनुसार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026, रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय आम बजट संसद में पेश करेंगी। माना जा रहा है कि हाल के दशकों में यह पहला अवसर होगा जब केंद्रीय बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा, इसलिए राजनीतिक हलकों से लेकर आम जनता के बीच इस बजट को लेकर उत्सुकता पहले से ज्यादा है।
जानकारी के अनुसार संसद का बजट सत्र औपचारिक रूप से 28 जनवरी 2026 से शुरू होगा। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण से होगी, जिसमें सरकार अपनी नीतिगत प्राथमिकताओं और आगामी वर्ष के लिए व्यापक रोडमैप का संकेत देगी। इसके तुरंत बाद 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण संसद पटल पर रखा जाएगा। आर्थिक सर्वेक्षण देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति, विकास दर, मुद्रास्फीति, निवेश, राजकोषीय स्थिति और भविष्य की आर्थिक संभावनाओं का तथ्यात्मक आकलन प्रस्तुत करता है और बजट के स्वरूप को समझने का आधार भी बनता है।
बजट सत्र दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा, आर्थिक सर्वेक्षण और बजट पेश किए जाने जैसी प्रमुख प्रक्रियाएँ पूरी होंगी। सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल 2026 के बीच प्रस्तावित है, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों के बजटीय आवंटन पर विस्तृत चर्चा, मांगों पर मतदान और विधायी कार्य संपन्न किए जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार बजट की तैयारी का दौर वित्त मंत्रालय और विभिन्न मंत्रालयों में पहले ही प्रारंभ हो चुका है। राज्यों, उद्योग जगत, कृषि क्षेत्र, स्टार्टअप, निर्यातकों और सामाजिक क्षेत्रों से सुझाव मंगाए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट विकास, रोज़गार सृजन, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष फोकस वाला हो सकता है।
यह बजट आज़ादी के बाद देश का कुल 88वां केंद्रीय बजट होगा। वर्ष 2017 से बजट 1 फरवरी को सुबह 11 बजे पेश करने की परंपरा जारी है, जिससे नए वित्तीय वर्ष के आरंभ से पहले बजट प्रावधानों के क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
रविवार को बजट पेश होने के कारण माना जा रहा है कि आम नागरिक, व्यवसायी समुदाय और निवेशक वर्ग बड़े पैमाने पर सीधे बजट भाषण को देख सकेंगे। साथ ही शेयर बाजारों और वित्तीय गतिविधियों पर इसके प्रभावों पर व्यापक चर्चा अगले कार्यदिवस से दिखाई दे सकती है।
अब पूरे देश की निगाहें 1 फरवरी 2026 पर टिकी हैं — यह बजट सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं, लोक कल्याणकारी नीतियों और विकास के एजेंडे की दिशा तय करेगा।
Reviewed by PSA Live News
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12:51:00 pm
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