दावोस और यूनाइटेड किंगडम में झारखण्ड का प्रतिनिधित्व करेंगी कल्पना सोरेन, सशक्त नेतृत्व और समावेशी विकास का प्रस्तुत करेंगी मॉडल
रांची। विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक 2026 में पहली बार झारखण्ड की मजबूत उपस्थिति दर्ज होने जा रही है। यह उपस्थिति केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि वैचारिक नेतृत्व और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन के मॉडल के रूप में झारखण्ड की पहचान को स्थापित करेगी। झारखण्ड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष सह विधायक कल्पना सोरेन दावोस में होने वाली इस प्रतिष्ठित बैठक में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगी। वे झारखण्ड को Infinite Opportunity State के रूप में पेश करने के साथ यह संदेश भी देंगी कि —
👉 जब आधी आबादी नेतृत्व करती है,
👉 जब महिलाएँ निर्णय प्रक्रिया में आती हैं,
👉 जब ग्रामीण-आदिवासी समाज मुख्यधारा में जुड़ता है,
तो अर्थव्यवस्थाएं न केवल मजबूत होती हैं, बल्कि टिकाऊ, न्यायपूर्ण और सर्वसमावेशी विकास का मार्ग प्रशस्त होता है।
महिला नेतृत्व और लैंगिक समानता पर रखेंगी अपना दृष्टिकोण
कल्पना सोरेन दावोस में कई उच्चस्तरीय वैश्विक पैनलों में शामिल होंगी, जिनमें शामिल हैं—
महिला सशक्तिकरण पर BRICS पैनल
ईटी विमेन एम्पावरमेंट डायलॉग
एलायंस फॉर ग्लोबल गुड का “We Lead” मंच
भारत पवेलियन में आधिकारिक कार्यक्रम
इन मंचों के माध्यम से वे यह स्पष्ट करेंगी कि झारखण्ड में महिला सशक्तिकरण केवल नारेबाजी या प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व नहीं है, बल्कि —
✔ आर्थिक ताकत
✔ संस्थागत भागीदारी
✔ नीति-निर्माण में भूमिका
पर आधारित एक वास्तविक परिवर्तन है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनती झारखण्ड की महिलाएँ
दावोस में झारखण्ड का वह चेहरा भी दुनिया के सामने आएगा, जिसने स्वयं को बदला और पूरे समाज को बदलने का संकल्प लिया।
झारखण्ड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के माध्यम से
👉 35 लाख से अधिक महिलाएँ
👉 2.80 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं
पिछले कुछ वर्षों में
👉 5000 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण स्वीकृत
👉 लाखों महिलाओं को मिला प्रत्यक्ष आर्थिक संबल
आज ये महिलाएँ—
✔ किसान
✔ उद्यमी
✔ बैंक सखी
✔ कारीगर
✔ छोटे–मध्यम उद्योगों की संचालिका
के रूप में सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।
“लखपति दीदी” से “पलाश ब्रांड” तक बदलाव की कहानी
राज्य में चल रहे प्रमुख कार्यक्रमों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है—
लखपति दीदी योजना
पलाश ब्रांड
जोहार परियोजना
झिमड़ी (JICA समर्थित सूक्ष्म ड्रिप सिंचाई)
अदिवा
आजीविका कैफे
इन पहलों के जरिये हजारों महिलाएँ वार्षिक 1 लाख रुपये से अधिक की आय वर्ग में प्रवेश कर चुकी हैं। पलाश ब्रांड के उत्पाद अब राष्ट्रीय बाजार के साथ वैश्विक बाजारों में भी पहुंच रहे हैं और अनुमान है कि वर्ष 2026 तक इसका कारोबार 45 करोड़ रुपये के आसपास पहुँच सकता है।
साथ ही राज्य सरकार की ‘मइयां सम्मान योजना’ के तहत प्रतिवर्ष लगभग 17 हजार करोड़ रुपये की राशि महिलाओं को सीधे मिल रही है, जिसने युवा झारखण्ड के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को बदलने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।
यूके यात्रा – शिक्षा, कौशल और जलवायु परिवर्तन पर संवाद
दावोस के बाद कल्पना सोरेन यूनाइटेड किंगडम में विभिन्न बैठकों और राउंड टेबल चर्चाओं में शामिल होंगी। इन बैठकों के मुख्य विषय होंगे—
शिक्षा और उच्च शिक्षा सहयोग
कौशल विकास और रोजगार के अवसर
जलवायु परिवर्तन और सतत विकास
सांस्कृतिक विरासत और पहचान संरक्षण
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के साथ वे “मरांग गोमके स्कॉलरशिप” के अंतर्गत उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे झारखण्ड के छात्रों से भी मुलाकात करेंगी। इससे भारत–यूके के बीच—
✔ संस्थागत क्षमता निर्माण
✔ महिला नेतृत्व
✔ समावेशी विकास
के क्षेत्र में साझेदारी और मजबूत होगी।
झारखण्ड की बेटियों की आवाज़, वैश्विक मंच तक
कल्पना सोरेन अपने संबोधनों में आदिवासी, ग्रामीण और आर्थिक रूप से वंचित समुदायों की महिलाओं की वास्तविकताओं और सपनों को दुनिया के सामने रखेंगी। वे बताएँगी कि—
👉 यही महिलाएँ आज झारखण्ड के सामाजिक–आर्थिक बदलाव की वाहक हैं
👉 यही “धरती आबा” बिरसा मुंडा की वास्तविक विरासत की संरक्षक हैं
👉 यही झारखण्ड को आत्मनिर्भरता और सम्मान की ओर ले जा रही हैं
विश्व मंच पर झारखण्ड की यह उपस्थिति न केवल राज्य की पहचान को नई ऊँचाई देगी, बल्कि यह भी स्थापित करेगी कि —
“सशक्त झारखण्ड का रास्ता सशक्त बेटियों और सशक्त नेतृत्व से होकर गुजरता है।”
Reviewed by PSA Live News
on
8:07:00 pm
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