हरियाणा/हिसार (राजेश सलूजा)। हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रसार को नई दिशा देने की दृष्टि से विश्व हिंदी परिषद ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लंदन शाखा की अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी वंदना खुराना को सौंप दी है। वंदना खुराना का चयन उनके लंबे समय से किए जा रहे साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान को देखते हुए किया गया है। परिषद के पदाधिकारियों ने उनके मनोनयन को हिंदी की अंतरराष्ट्रीय पहचान को सुदृढ़ करने वाला निर्णय बताया है।
वंदना खुराना प्रवासी भारतीय समाज में हिंदी के प्रचार–प्रसार के लिए निरंतर प्रयासरत रही हैं। वे केवल भाषा तक सीमित नहीं, बल्कि भारतीय कला, संस्कृति, परंपरा और सभ्यता के मूल्यों को भी मंच–मंच तक पहुँचाने का कार्य कर रही हैं। वर्तमान में वे राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा में एक वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं, इसके बावजूद हिंदी साहित्य के प्रति उनकी लगन और सक्रियता प्रशंसनीय रही है।
वे हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी तीनों भाषाओं में समान दक्षता के साथ लेखन करती हैं। उनकी कविताएँ, कहानियाँ, लघुकथाएँ और लेख कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्र–पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। साहित्यिक गोष्ठियों, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और ऑनलाइन मंचों पर वे निरंतर अपनी उपस्थिति दर्ज कराती रही हैं। उनकी रचनाओं में भारतीय संस्कार, सामाजिक सरोकार, स्त्री–विमर्श और मानवीय संवेदनाओं का सशक्त चित्रण मिलता है।
विश्व हिंदी परिषद के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने आशा व्यक्त की है कि वंदना खुराना के नेतृत्व में लंदन समेत पूरे यूरोप में हिंदी के प्रति नई जागरूकता और आकर्षण पैदा होगा। परिषद का कहना है कि प्रवासी भारतीय बच्चों और युवाओं में मातृभाषा से जुड़ाव बनाए रखना समय की आवश्यकता है और यह जिम्मेदारी वंदना खुराना जैसी सक्रिय कार्यकर्ता के हाथों में सुरक्षित है।
अध्यक्ष पद का दायित्व संभालने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए वंदना खुराना ने कहा कि हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि हमारी आत्मा और पहचान है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे हिंदी के प्रचार–प्रसार, साहित्यिक कार्यक्रमों के आयोजन, लेखकों को मंच उपलब्ध कराने और नई पीढ़ी को हिंदी से जोड़ने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करेंगी। उन्होंने विश्व हिंदी परिषद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ा संकल्प भी है।
हिंदी प्रेमियों और साहित्यकारों ने भी वंदना खुराना को शुभकामनाएँ देते हुए उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में प्रवासी भारतीय समाज में हिंदी का परचम और अधिक मजबूती से लहराएगा।
Reviewed by PSA Live News
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1:32:00 pm
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