श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में तीन दिवसीय श्रीमद् भागवत कृष्ण कथा का भव्य हुआ समापन, महाप्रसाद भंडारे का हुआ आयोजन
सदानंद महाराज जी ने भक्तों को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के मार्ग पर चलने की दी प्रेरणा
रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के संस्थापक एव संरक्षक परमहंस डा• संत शिरोमणी स्वामी सदानंद जी महाराज के शेष आशिर्वाद से पुंदाग, रांची स्थित झारखंड के सबसे बड़े श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय श्रीमद् भागवत कृष्ण कथा का समापन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उमंग के साथ संपन्न हुआ। इस आध्यात्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिरस से सराबोर कर दिया और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता देखने को मिली।कथा के तीसरे एवं अंतिम दिन विख्यात कथावाचक श्री श्री 108 परमहंस डॉ. सदानंद जी महाराज ने श्रीकृष्ण के अंतर्ध्यान, राजा परीक्षित के मोक्ष, सेवा-पूजा प्रार्थना झिलना सहित अनेक गूढ़ प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। अपनी ओजस्वी वाणी, सारगर्भित विवेचना एवं मनमोहक भजनों के माध्यम से उन्होंने श्रोताओं को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कथा के दौरान जब श्रीकृष्ण के अंतर्ध्यान और परीक्षित मोक्ष का प्रसंग आया, तब पूरा मंदिर भावविभोर हो उठा और भक्तों की आंखें श्रद्धा से नम हो गईं।इस अवसर पर मंदिर परिसर को अत्यंत आकर्षक एवं भव्य रूप से सजाया गया था। रंग-बिरंगी विद्युत सज्जा, पुष्पों और धार्मिक प्रतीकों से सुसज्जित मंदिर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। विशेष रूप से श्री राधा रानी जी को जड़ित एवं आकर्षक आभूषणों से अलंकृत किया गया, जिससे उनकी दिव्य छवि और भी मनोहारी प्रतीत हो रही थी। श्रद्धालु दर्शन कर स्वयं को धन्य अनुभव कर रहे थे। पूजा-अर्चना का कार्य मंदिर के पुजारी पंडित अरविंद पांडे द्वारा विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया। इसके उपरांत श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। कथा समापन के अवसर पर भव्य महाप्रसाद भंडारा का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे की व्यवस्था अत्यंत सुव्यवस्थित एवं सेवा भाव से परिपूर्ण रही।
तीन दिनों तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में रांची एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित हुए ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कार, सेवा और सद्भावना का प्रचार-प्रसार करना है। ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि कार्यक्रम के सफल आयोजन मे ट्रस्ट के पदाधिकारियों, सदस्यों, एवं सहयोगियों का सराहनीय योगदान रहा। समापन अवसर पर भक्तों ने ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने की कामना की और कथा से प्राप्त आध्यात्मिक प्रेरणा को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया। इस अवसर पर-डूंगरमल अग्रवाल, निर्मल जालान,राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल छावनिका, मनोज चौधरी, विजय अग्रवाल, सज्जन पाड़िया, पूरणमल सर्राफ, शिव भगवान अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल,नवल अग्रवाल,संजय सर्राफ,नंदकिशोर चौधरी, रविकांत शास्त्री,पवन तिवारी विनय सुबा,विशाल जालान, प्रमोद सारस्वत,सुनील पोद्दार, सुरेश चौधरी,विष्णु सोनी, दीपेश निराला, विशाल अग्रवाल,अरुण जाजोदिया विद्या देवी अग्रवाल, सरोज पोद्दार, उर्मिला पाड़िया, मीनू पाड़िया, शैलजा जाजोदिया,कविता गाड़ोदिया, सुनीता अग्रवाल, सुमन चौधरी, संतोष देवी अग्रवाल, शोभा जालान, मनीषा जालान, अमिता जालान, उषा मोदी,आशा मोदी, आशा सिंह,ललिता पोद्दार, शकुंतला केजरीवाल, सीता शर्मा, रेखा पोद्दार, सरिता अग्रवाल, अनीता अग्रवाल, सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित थे।
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1:16:00 pm
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