दलमा बनेगा झारखंड का नया टूरिज़्म हब: मंत्री सुदिव्य कुमार ने 30 ईको कॉटेज का किया शिलान्यास, जंगल सफारी का भव्य शुभारंभ
दलमा (पूर्वी सिंहभूम)। झारखंड सरकार की ‘अबुआ सरकार’ नीति के तहत राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। दलमा वन्यजीव अभ्यारण्य में पर्यटकों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए माननीय मंत्री (पर्यटन, कला-संस्कृति, नगर विकास एवं आवास तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा) श्री सुदिव्य कुमार ने आज 30 अत्याधुनिक ईको कॉटेज के निर्माण का विधिवत भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। इसी अवसर पर उन्होंने जंगल सफारी सेवा का भी भव्य शुभारंभ करते हुए सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाई।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में घाटशिला विधायक श्री सोमेश सोरेन और ईचागढ़ विधायक श्रीमती सविता महतो भी विशेष रूप से मौजूद रहे। बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, वन विभाग के पदाधिकारी, पर्यटन विभाग के प्रतिनिधि और स्थानीय ग्रामीण भी कार्यक्रम के साक्षी बने।
मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि दलमा झारखंड की प्राकृतिक धरोहर का अनमोल रत्न है। सरकार का उद्देश्य है कि यहाँ आने वाले पर्यटकों को न केवल जंगल और पहाड़ों का सौंदर्य देखने का अवसर मिले, बल्कि उन्हें आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जाएँ। 30 ईको कॉटेज के निर्माण से देश-विदेश से आने वाले सैलानियों को अभ्यारण्य के समीप ही ठहरने की उत्तम व्यवस्था मिलेगी, जिससे उनका प्रवास अधिक सुविधाजनक और यादगार बनेगा।
उन्होंने कहा, “दलमा को पर्यटन हब बनाने का जो संकल्प हमने लिया था, वह आज साकार होता दिख रहा है। ईको कॉटेज और जंगल सफारी से यहाँ की पहचान नई ऊँचाइयों पर जाएगी। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, गाइड, वाहन चालक, होटल कर्मी, हस्तशिल्प विक्रेता जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे।”
जंगल सफारी के शुभारंभ के बाद मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने स्वयं अधिकारियों के साथ सफारी कर अभ्यारण्य का भ्रमण किया और व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। उन्होंने कहा कि अब पर्यटक सुरक्षित वाहनों से जंगल के भीतर जाकर वन्यजीवों और प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकेंगे। यह सुविधा रोमांच के साथ-साथ संरक्षण और जागरूकता को भी बढ़ावा देगी।
कार्यक्रम में उपस्थित विधायकों ने भी इस पहल को पूर्वी सिंहभूम और झारखंड के पर्यटन विकास के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि दलमा के विकास से न केवल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि झारखंड की छवि एक प्रमुख पर्यटन राज्य के रूप में उभरेगी।
समारोह के अंत में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ईको कॉटेज का निर्माण गुणवत्ता, समयबद्धता और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखकर किया जाए, ताकि दलमा की प्राकृतिक खूबसूरती अक्षुण्ण रहे और पर्यटन विकास सतत रूप से आगे बढ़े।
Reviewed by PSA Live News
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5:27:00 pm
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