राँची : दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर (तिरुपति बालाजी) मंदिर में शनिवार, 7 फरवरी को 917वें खिचड़ी भंडारा का भव्य आयोजन किया गया। इस पुण्य अवसर पर लगभग 1,500 श्रद्धालुओं ने खिचड़ी महाप्रसाद ग्रहण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
आज का खिचड़ी महाप्रसाद राँची निवासी श्री शशिभूषण सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती वीणा सिंह की ओर से भगवान श्रीमन्नारायण को समर्पित किया गया। मान्यता है कि जो यजमान भगवान को अन्नकण अर्पित करता है, उसे वर्षों तक वैकुण्ठलोक में निवास का सौभाग्य प्राप्त होता है।
भोग अर्पण से पूर्व मंदिर में परंपरागत विधि-विधान के साथ भगवान श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर का सुप्रभातम्, मंगलाशासनम्, करावलंबम् एवं वेंकटेश स्तोत्रम् का पाठ किया गया। इसके बाद पांचरात्र आगम विधान के अंतर्गत तिरूवाराधनम् सम्पन्न हुआ। महाआरती, नैवेद्य भोग तथा वेद-उपनिषदों के मंत्रोच्चार के साथ स्तवन किया गया। आज के अनुष्ठान को अर्चक श्री गोपेश आचार्य एवं श्री नारायण दास जी ने विधिवत संपन्न कराया।
कार्यक्रम में राम अवतार नरसरिया, अनूप अग्रवाल, प्रदीप नरसरिया, किशन नरसरिया, रंजन सिंह, प्रभाष मित्तल, शम्भुनाथ पोद्दार सहित अनेक श्रद्धालुओं की सक्रिय सहभागिता रही।
विदित हो कि शास्त्रों में अन्नदान को सर्वोत्तम दान बताया गया है—
“अन्नदानत् परं नास्ति प्राणिनां गतिदायकम्।”
अर्थात् अन्नदान से बढ़कर कोई दान नहीं, जो प्राणियों को सद्गति प्रदान करता है। भगवान को समर्पित अन्न से बना खिचड़ी महाप्रसाद न केवल तन को तृप्त करता है, बल्कि आत्मिक शांति और कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त करता है।
इस भंडारे के माध्यम से सेवा, समर्पण और सनातन परंपरा की महानता एक बार फिर श्रद्धालुओं के बीच प्रत्यक्ष रूप से देखने को मिली।
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6:04:00 pm
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