रांची। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रवक्ता सह इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के आजीवन सदस्य संजय सर्राफ ने कहा है कि विश्व कैंसर दिवस प्रतिवर्ष 4 फरवरी को पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना, इसके कारणों, लक्षणों, रोकथाम और उपचार की सही जानकारी देना तथा कैंसर से पीड़ित लोगों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की भावना विकसित करना है। यह दिवस विश्व स्तर पर सरकारों,स्वास्थ्य संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों को एक मंच पर लाकर कैंसर के खिलाफ सामूहिक प्रयास को मजबूत करता है।विश्व कैंसर दिवस की शुरुआत वर्ष 2000 में पेरिस में हुई थी, जब वर्ल्ड कैंसर समिट के दौरान यूनियन फॉर इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल के नेतृत्व में इसे औपचारिक रूप से अपनाया गया। तब से लेकर आज तक यह दिवस कैंसर नियंत्रण के लिए वैश्विक आंदोलन का प्रतीक बन चुका है।कैंसर वर्तमान समय की सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ)के अनुसार, हर वर्ष लाखों लोग कैंसर से प्रभावित होते हैं और समय पर जांच व उपचार न मिलने के कारण बड़ी संख्या में मौतें हो जाती हैं। भारत जैसे विकासशील देशों में स्थिति और भी गंभीर है जहां जागरूकता की कमी, देर से निदान, आर्थिक कठिनाइयाँ और सीमित स्वास्थ्य सुविधाएँ कैंसर से लड़ाई को और कठिन बना देती हैं।विश्व कैंसर दिवस का महत्व इस बात में निहित है कि यह लोगों को यह समझाने का प्रयास करता है कि कैंसर कोई अभिशाप नहीं है, बल्कि समय पर पहचान, सही जीवनशैली और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से इसे काफी हद तक रोका और नियंत्रित किया जा सकता है। यह दिवस यह संदेश देता है कि तंबाकू और शराब का सेवन न करना, संतुलित आहार लेना, नियमित व्यायाम करना, मोटापे से बचना और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना कैंसर के खतरे को कम कर सकता है।कैंसर के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाना।प्रारंभिक जांच और समय पर उपचार के महत्व को समझाना।कैंसर से जुड़े मिथकों और भ्रांतियों को दूर करना।कैंसर रोगियों और उनके परिवारों को मानसिक,सामाजिक और भावनात्मक सहयोग देना।सरकारों और नीति निर्माताओं को कैंसर नियंत्रण के लिए प्रभावी नीतियाँ बनाने हेतु प्रेरित करना।हर वर्ष विश्व कैंसर दिवस एक विशेष थीम के साथ मनाया जाता है, जो कैंसर के किसी महत्वपूर्ण पहलू पर ध्यान केंद्रित करती है, जैसे-रोगी-केंद्रित देखभाल, समान स्वास्थ्य सेवाएँ, या मैं हूँ और मैं कर सकता हूँ जैसी प्रेरक अवधारणाएँ। ये थीम आम लोगों को व्यक्तिगत स्तर पर भी इस लड़ाई से जुड़ने के लिए प्रेरित करती हैं।विश्व कैंसर दिवस केवल एक दिवस नहीं, बल्कि एक सतत अभियान है, जो हमें यह याद दिलाता है कि सही जानकारी, सकारात्मक सोच और सामूहिक प्रयास से कैंसर को हराया जा सकता है। यह दिवस आशा, साहस और एकजुटता का प्रतीक है, जो एक स्वस्थ और कैंसर-मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विश्व कैंसर दिवस जागरूकता, साहस,आशा और एकजुटता का देता है संदेश: संजय सर्राफ
Reviewed by PSA Live News
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12:04:00 pm
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