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शिव ही अज्ञान से मुक्ति और प्रकाश का मार्ग हैं: ब्रह्माकुमारी केन्द्र में ‘शिव अवतरण आध्यात्मिक रहस्य’ कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ


रांची। 
ब्रह्माकुमारी संस्थान राजयोग केन्द्र, चौधरी बगान, हरमू रोड में ‘शिव अवतरण आध्यात्मिक रहस्य’ विषय पर आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम का दीप प्रज्वलन और शिव-झंडोत्तोलन के साथ भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन अवसर पर अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष श्री ज्योति सिंह मथारू ने कहा कि सत्कर्म की सत्य शिक्षा केवल परमात्मा सदाशिव ही देते हैं। विकारग्रस्त विश्व के अज्ञान-अंधकार को मिटाकर शिव ही मानव को प्रकाशमय बनाते हैं। उन्होंने भौतिक ज्ञान के साथ-साथ आध्यात्मिक ज्ञान को भी जीवन में समान रूप से स्थान देने पर बल दिया।

कार्यक्रम में स्वामी उमेशानंद (विश्व हिंदू परिषद) ने कहा कि समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना के लिए मनोयोग और बुद्धियोग दोनों आवश्यक हैं। ईश्वर से मन को जोड़ने से ही मानव में दिव्य गुणों का विकास होता है और विवेक का उदय होकर आत्मा परमात्मा के सम्मुख शुद्ध कर्मों की ओर अग्रसर होती है।

संत निरंकारी मिशन के श्री संदीप नागपाल ने कहा कि आध्यात्म का लक्ष्य आत्मा का कल्याण है और ‘शिव’ शब्द ही कल्याण का वाचक है। महाकालेश्वर शिव ने मानवता के हित में हलाहल का पान किया था। आज आवश्यकता है कि हम अपने जीवन में क्रोध, अहंकार और काम-विकार रूपी विष से स्वयं को मुक्त करें।

लाल बाबा आश्रम के स्वामी दिव्यज्ञान ने कहा कि आत्म-विस्मृति से मानव को पुनः आत्म-स्मृति में लाना ही शिव द्वारा उद्घाटित आध्यात्मिक क्रांति का लक्ष्य है। इसी में मानव की सभी समस्याओं का समाधान निहित है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, रांची के सेवा प्रमुख श्री राम लखन प्रसाद ने कहा कि कलियुग की महायात्रा में आत्मा को ज्ञान द्वारा जाग्रत करना ही सच्चा जागरण है। यही जागरण सामाजिक क्रांति का आधार बनेगा और कलियुगी व्यवस्था से निकलकर निर्विकारी, वास्तविक स्वराज्य की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करेगा।

आचार्यकुलम, नामकुम के श्री गंगाप्रसाद राय ने कहा कि भौतिक साधनों की प्रचुरता के बावजूद मानसिक तनाव बढ़ रहा है। मानव अपने मूल स्वभाव—शांति, प्रेम और आनंद—से दूर होता जा रहा है। ऐसे समय में शिव परमात्मा का अवतरण मानव जीवन में संतुलन और सच्ची शांति का संदेश देता है।

रांची विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष (हिंदी) डॉ. रामेश्वर प्रसाद साहू ने कहा कि राजयोग से मानव मन की विकृतियों का शुद्धिकरण होता है। विकारों से मुक्ति के लिए परमात्मा शिव को गुरु बनाना आवश्यक है।

ब्रह्माकुमारी बहन निर्मला ने कहा कि तमोगुणी, दुखी और अशांत सृष्टि के परिवर्तन की भूमिका अब तैयार है। यह वह समय है जब शिव पिता परमात्मा का संदेश समस्त मानवता तक पहुँचाया जा सकता है। शिव की इस धरा पर ज्ञान-गंगा बहाते हुए 90 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और एक अलौकिक शक्ति-सेवा तैयार हुई है, जो शीघ्र ही सृष्टि के कायाकल्प में सहायक बनेगी। इस अवसर पर गणमान्य नागरिकों को शिव-ध्वज का दिव्य वरदान भी प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में रवीन्द्र नाथ गोप (संत निरंकारी मंडल), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विशाल कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा गाइडेड मेडिटेशन के माध्यम से राजयोग का अभ्यास कराया गया। बालिकाओं ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया और श्रीम पर आधारित नृत्य-नाटिका का मंचन हुआ। सभी आगंतुकों ने शिवलिंग पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा प्रसाद ग्रहण किया।

जानकारी: ब्रह्माकुमारी राजयोग केन्द्र, हरमू रोड में प्रतिदिन प्रातः 7:00 से 10:30 बजे तथा सायं 4:30 बजे से ध्यान व आध्यात्मिक सत्र आयोजित होते हैं।

शिव ही अज्ञान से मुक्ति और प्रकाश का मार्ग हैं: ब्रह्माकुमारी केन्द्र में ‘शिव अवतरण आध्यात्मिक रहस्य’ कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ शिव ही अज्ञान से मुक्ति और प्रकाश का मार्ग हैं: ब्रह्माकुमारी केन्द्र में ‘शिव अवतरण आध्यात्मिक रहस्य’ कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ Reviewed by PSA Live News on 9:17:00 am Rating: 5

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