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‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की भूमि रहा है बंगाल’, विवेक प्रताप सिंह का दावा; केंद्र नेतृत्व की सराहना, राज्य सरकार पर निशाना


कोलकाता/रांची, संवाददाता।

पश्चिम बंगाल की राजनीतिक और सांस्कृतिक स्थिति को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता विवेक प्रताप सिंह ने तीखा बयान देते हुए कहा है कि बंगाल ऐतिहासिक रूप से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और सामाजिक जागरण की भूमि रहा है, लेकिन वर्तमान समय में उसकी पहचान कमजोर पड़ती दिख रही है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार जताते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने बंगाल की स्थिति को गंभीरता से लिया और परिवर्तन की दिशा में सक्रिय पहल की।

‘बंगाल ने देश को दी नई दिशा’

विवेक प्रताप सिंह ने कहा कि बंगाल ने देश के इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 18वीं-19वीं शताब्दी और 20वीं शताब्दी के प्रारंभिक दौर में यह प्रदेश भारतीय राष्ट्रवाद और सामाजिक-सांस्कृतिक पुनर्जागरण का केंद्र रहा।

उन्होंने कहा कि इस धरती से निकले महान व्यक्तित्वों ने देश को नई दिशा दी, जिनमें राजा राममोहन रायईश्वरचंद्र विद्यासागररामकृष्ण परमहंसस्वामी विवेकानंदबंकिम चंद्र चट्टोपाध्यायरवींद्रनाथ टैगोर और सुभाष चंद्र बोस जैसे नाम शामिल हैं।


वर्तमान हालात पर जताई चिंता

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पश्चिम बंगाल की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक स्थिति चिंताजनक हो गई है। सिंह के अनुसार, राज्य में कानून-व्यवस्था और सामाजिक संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, जिससे आम जनता में असंतोष बढ़ा है।


महिलाओं की सुरक्षा बना बड़ा मुद्दा

विवेक प्रताप सिंह ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं के साथ हुई घटनाओं ने समाज को झकझोर दिया है और यही मुद्दे जनता के बीच चर्चा का केंद्र बने।

ममता सरकार पर आरोप

सिंह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे शासनकाल में प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर हुआ है और शासन की प्राथमिकताएं स्पष्ट नहीं रहीं।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में राजनीतिक ध्रुवीकरण बढ़ा है और लोकतांत्रिक संस्थाओं के कार्य करने की स्वतंत्रता प्रभावित हुई है।

चुनाव में जनता की भागीदारी पर जोर

उन्होंने कहा कि हालिया चुनावों में जनता ने खुद आगे आकर भागीदारी निभाई और परिवर्तन की इच्छा स्पष्ट रूप से दिखाई। सिंह के अनुसार, शांतिपूर्ण चुनाव कराने में केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय की भूमिका अहम रही।

कार्यकर्ताओं का जताया आभार

अपने बयान के अंत में विवेक प्रताप सिंह ने चुनाव में लगे सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी मेहनत से लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत हुई है।

विवेक प्रताप सिंह का यह बयान पश्चिम बंगाल की वर्तमान राजनीति और उसकी ऐतिहासिक विरासत के बीच के अंतर को उजागर करता है।
उनके बयान से साफ है कि आने वाले समय में बंगाल की राजनीति और सामाजिक दिशा को लेकर बहस और तेज हो सकती है।

‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की भूमि रहा है बंगाल’, विवेक प्रताप सिंह का दावा; केंद्र नेतृत्व की सराहना, राज्य सरकार पर निशाना ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की भूमि रहा है बंगाल’, विवेक प्रताप सिंह का दावा; केंद्र नेतृत्व की सराहना, राज्य सरकार पर निशाना Reviewed by PSA Live News on 5:30:00 pm Rating: 5

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